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बाजार के नई ऊंचाई पर जाने की बंधी उम्मीद

जानकारों का मानना है कि अगर लिक्विडिटी की स्थिति ठीक रही तो बाजार फिर से नई उंचाई पर जा सकते हैं।
अपडेटेड Sep 25, 2012 पर 10:55  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

सिट्रस एडवाइजर्स के फाउंडर संजय सिन्हा का कहना है कि पिछले कुछ समय से देश की आर्थिक स्थिति में जो बदलाव आया है वो बाजार के लिए सकारात्मक रहा है। नए सुधारों के चलते बाजार में तेजी बरकरार रहने की उम्मीद है। बाजार के नई उंचाई छूने के संकेत बन रहे हैं। अगर लिक्विडिटी की स्थिति ठीक रही तो बाजार फिर से नई उंचाई पर जा सकते हैं।


संजय सिन्हा के मुताबिक बाजार में तेजी के पीछे 2-3 कारण हैं। पहला तो बाजार में खरीदारी का रुख वापस लौटता नजर आ रहा है। दूसरा एफआईआई निवेश में लगातार तेजी देखी जा रही है। इस महीने अब तक करीब 12,000 करोड़ रुपये का एफआईआई निवेश हो चुका है। और तीसरा सरकार की रिफॉर्म की पहल के चलते निवेश प्रक्रिया में सुधार आ रहा है। 


संजय सिन्हा के मुताबिक कुछ समय पहले तक बाजार में डिफेसिव शेयर जैसे आईटी, फार्मा और एफएमसीजी में निवेश देखा जा रहा था। लेकिन अब ब्याज दरों के असर से प्रभावित होने वाले शेयर जैसे बैंकिंग, ऑटो और इंफ्रा सेक्टर में निवेश बढ़ता देखा जाएगा। निवेशक एफएमसीजी फार्मा और आईटी में निवेश बनाए रख सकते हैं लेकिन अगर निवेश में बदलाव लाना है तो इन शेयरों की बजाए ऑटो, इंफ्रा और बैंकिंग शेयरों में निवेश कर सकते हैं।


स्टैनचार्ट सिक्योरिटीज के हेड ऑफ इक्विटी रिसर्च राहुल सिंह का कहना है कि बाजार की रीरेटिंग होने के लिए देश की जीडीपी ग्रोथ 7 फीसदी से ज्यादा बढनी चाहिए। 


राज्य इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड के लिए पैकेज का ऐलान होना कैपिटल गुड्स सेक्टर के लिए अच्छा कदम है। इस समय डिफेंशिव शेयरों के वैल्यूएशन जरूरत से ज्यादा महंगे हैं। रियल एस्टेट शेयरों के वैल्यूएशन काफी नीचे आ चुके हैं इसलिए इनमें निवेश में तेजी आ सकती है। लोगों की खर्च करने की क्षमता घटने का असर ऑटो कंपनियों पर देखा जा रहा है। बैंक शेयरों में बैंक ऑफ बड़ौदा और पंजाब नेशनल बैंक निवेश करने के लिए पसंदीदा शेयर हैं।


नोमुरा फाइनेंशियल एडवाइजरी एंड सिक्योरिटीज के प्रभात अवस्थी का कहना है कि अगर पॉलिसी में बदलाव की सरकार की पहल जारी रहती है तो बाजार में निवेश के लिए निवेशकोंका रुझान और बेहतर हो सकता है। अगर रिफॉर्म की गाड़ी इसी तरह चलती रहे तो बाजार में भी तेजी का दौर जारी रह सकता है। हालांकि रिफॉर्म से पहले भारत में निवेश के लिए एफआईआई का रुख ज्यादा उम्मीद वाला नहीं था लेकिन अब  स्थिति बदल गई है। अगर सरकार आर्थिक सुधारों को लेकर गंभीर रहे तो बाजार का सेंटीमेंट और सुधर सकता है।


अच्छी खबरों के संकेतों से पीएसयू बैंको के शेयरों में पहले ही काफी तेजी आ चुकी है। आगे चलकर पावर सेक्टर की एनबीएफसी में ऊपरी स्तर देखे जा सकते हैं।


जेपी मॉर्गन के एड्रियन मॉवेट का कहना है कि भारतीय बाजारों में और तेजी जारी रहेगी। बाजार में काफी तेजी के बावजूद और बढत की उम्मीद है। भारत के बाजारों में खास शेयरों में निवेश करने की रणनीति अपनाना बेहतर रेहगा। बाजार में अच्छी तेजी के बाद कुछ कन्सोलिडेशन देखा जा सकता है। अगर कन्सोलिडेशन आता है तो बाजार में खरीदारी के मौके होंगे।


बाजार में निजी बैंक, आईटी शेयर निवेश करने के लिए पसंदीदा सेक्टर होंगे। क्रूड समेत अन्य कमोडिटी में कमजोरी आने के आसार लग रहे हैं। इस समय डॉलर के मुकाबले रुपया ठीक कारोबार कर रहा है। आगे चलकर रुपये में प्रति डॉलर 53-55 के आसपास का कारोबार देखा जा सकता है।


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