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डायरेक्ट म्यूचुअल फंड खरीदने में भारी दिक्कत

जो मौजूदा निवेशक डायरेक्ट प्लान में जाना चाहते हैं उसे रोकने के लिए एक्जिट लोड लगा दिया गया है।
अपडेटेड Jan 01, 2013 पर 11:35  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

आज से निवेशक म्युचुअल फंड का डायरेक्ट प्लान खरीद सकते हैं यानी बिना एडवाइजर की मदद के खुद प्लान खरीद सकते हैं। लेकिन म्यूचुअल फंड ने निवेशकों को ऐसा करने से रोकने का नया तरीका निकाल लिया है। जो मौजूदा निवेशक डायरेक्ट प्लान में जाना चाहते हैं उसे रोकने के लिए भारी भरकम एक्जिट लोड लगा दिया गया है। जबकि डायरेक्ट प्लान से डिस्ट्रिब्यूटर के प्लान में शिफ्ट होने के लिए ऐसा कोई एक्जिट लोड नहीं है।


म्यूचुअल फंड में 180 दिन तक 1 फीसदी एक्जिट लोड के मुकाबले अब 3 फीसदी एक्जिट लोड लगा दिया गया है। 540 दिन तक शून्य के मुकाबले अब 1 फीसदी एक्जिट लोड लगा दिया गया है।


फेडरेशन ऑफ इंडीपेंडेट फाइनेंशियर एडवाइजर्स के चेयरमैन ध्रुव मेहता का कहना है कि डायरेक्ट प्लान में जाने पर एक्जिट लोड लगाया गया है। सभी तरह के मौजूदा स्कीम में से निकलने पर नई स्कीम में स्विच करने पर एक्जिट लोड लगाया जाएगा। ये कदम इसलिए उठाया गया है जिससे म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटरों को होने वाले नुक्सान से बचा जा सके।


वाइजइंवेस्ट एडवाइजर्स के सीईओ हेमंत रुस्तोगी का कहना है कि डायरेक्ट प्लान के जरिए निवेश करने पर निवेशकों का मामूली खर्च बचेगा। इसके जरिए निवेशकों का डिस्ट्रीब्यूटरों को दिए जाने वाला कमीशन ही बच पाएगा। हालांकि जो निवेशक सोचते हैं कि वो एडवाइजर के बिना अपने म्यूचुअल फंड पोर्टफोलियो को संभाल सकते हैं उन्हें डायरेक्ट प्लान में निवेश करना चाहिए।


वैल्यू रिसर्च के सीईओ धीरेंद्र कुमार के मुताबिक डायरेक्ट म्यूचुअल फंड में निवेश करने पर एक्जिट लोड लगाना निवेशक विरोधी कदम नहीं है। 2 म्यूचुअल फंड कंपनियां अक्टूबर से ही एक्जिट लोड बढ़ा चुकी हैं। इसका निवेशकों पर ज्यादा नकारात्मर असर नहीं पड़ेगा।


एक्जिट लोड के जरिए रिटेल निवेशकों को लंबी अवधि के लिए एमएफ में निवेश करने का प्रोत्साहन मिलेगा। एक्जिट लोड के जरिए जो पैसा आएगा वो फंड में ही वापस आएगा जिससे एमएफ निवेशकों को ही फायदा होगा। पहले एक्जिट लोड के जरिए जो पैसा आता था उसे म्यूचुअल फंड कंपनियां रख लेती थीं।


डायरेक्ट प्लान में शिफ्ट करने पर एक्जिट लोड लगाने के जरिए सेबी की पहल को कम करने की कोशिश नहीं की गई है। एक्जिट लोड के जरिए निवेशकों को ये संकेत दिए गए हैं कि छोटी अवधि के लिए पैसा लगाना सही रणनीति नहीं होती है।


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