सरकार को घाटे की चिंता, ग्रोथ की फ्रिक नहीं

वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने अपने बजट भाषण में विदेशी निवेश बढ़ाने पर जोर देने की बात कही है।
अपडेटेड Feb 28, 2013 पर 15:21  |  स्रोत : Moneycontrol.com

वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने अपने बजट भाषण में विदेशी निवेश बढ़ाने पर जोर देने की बात कही है। वित्त मंत्री ने वित्तीय घाटे से ज्यादा करेंट अकाउंट घाटे को लेकर चिंता जताई है। सोने और कोयले के आयात के कारण करेंट अकाउंट ज्यादा बढ़ रहा है। लिहाजा करेंट अकाउंट घाटे को कम करने के लिए विदेशी निवेश बढ़ाने के अलावा कोई उपाय नहीं है। करेंट अकाउंट घाटा पूरा करने के लिए 2 साल में 7,500 करोड़ डॉलर की जरूरत होगी।


वित्त वर्ष 2014 में वित्तीय घाटा 4.8 फीसदी रहने का अनुमान है। वित्त वर्ष 2013 के लिए वित्तीय घाटे का लक्ष्य 5.2 फीसदी तय किया गया है। वित्त वर्ष 2014 में राजस्व घाटे का लक्ष्य 3.3 फीसदी तय किया गया है। वित्त वर्ष 2013 में राजस्व घाटा 3.9 फीसदी रहने का अनुमान है। सरकार ने टैक्स रिफॉर्म कमीशन बनाने का ऐलान किया है।


वित्त मंत्री ने महंगाई पर चौतरफा काबू पाने की जरूरत बताई है। खाने-पीने की चीजों की महंगाई दर सबसे बड़ी चिंता बनी हुई है। महंगाई दर को काबू करने के लिए खाद्य आपूर्ति दुरुस्त करने पर फोकस किया जाएगा। सरकार के उठाए गए कदमों से कोर महंगाई दर 4.5 फीसदी पर लाने में सफल रहेंगे।


वित्त मंत्री ने माना कि वित्त वर्ष 2013 का योजनागत खर्च ज्यादा था। वित्त वर्ष 2014 में योजनागत खर्च 5.65 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जोकि वित्त वर्ष 2013 से 30 फीसदी ज्यादा है। वित्त वर्ष 2014 में बच्चों की योजनाओं के लिए 77,236 करोड़ रुपये आवंटित हुए हैं। 6 एम्स जैसे अस्पताल बनाने के लिए 16,500 करोड़ रुपये दिए जाने का प्रस्ताव है। मेडिकल शिक्षा और रिसर्च के लिए 4,700 करोड़ रुपये आवंटित किया जाएगा।


मनरेगा के लिए 33,000 करोड़ रुपये आवंटित किए जाएंगे। सर्व शिक्षा अभियान पर 27,258 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव है। वित्त वर्ष 2014 में मिड-डे मील के लिए 13,215 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए 37,300 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।


पी चिदंबरम ने वित्त वर्ष 2014 में कृषि मंत्रालय को 27,049 करोड़ रुपये देने का ऐलान किया है। साथ ही छोटे किसानों के लिए ब्याज पर छूट जारी करने का फैसला किया गया है। फूड सिक्योरिटी के लिए 2,250 करोड़ रुपये आवंटित किए जाएंगे। सिंचाई योजनाओं के लिए 5,387 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। कृषि कर्ज के लिए 7 लाख करोड़ रुपये आवंटित करने का लक्ष्य है।


वित्त मंत्री ने रक्षा बजट में बढ़ोतरी की है। वित्त वर्ष 2014 में रक्षा मंत्रालय को 2.03 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए जाएंगे। वहीं अगले कुछ महीनों में जीएसटी का ड्राफ्ट बिल आने की उम्मीद है। बजट में 2007 से बकाया सर्विस टैक्स वालों के लिए आम माफी योजना लागू की जाएगी।


वित्त मंत्री पी चिदंबरम का कहना है कि अर्थव्यवस्था में सुधार लाने की सरकार लगातार कदम उठाती रहेगी।


पी चिदंबरम के मुताबिक करंट अकाउंट घाटा को काबू करने के लिए वित्तीय घाटे को कम करने से ज्यादा बड़ी चुनौती है। करंट अकाउंट घाटे को कम करने के लिए निर्यात को बढ़ावा देने की जरूरत है।


सरकार निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कदम उठागी। पी चिदंबरम का कहना है कि जीडीपी दर 6 फीसदी से ऊपर जाने के बाद ही अर्थव्यवस्था में रिकवरी की शुरुआत समझना सही होगा।


पी चिदंबरम ने कहा है कि सेक्शन 90ए में संशोधन किया गया है, जिसके बाद डीटीएए के तहत टैक्स छूट का फायदा उठाने के लिए टीआरसी नाकाफी होगा। डीटीएए का फायदा लेने के लिए बेनिफीशियल ओनर का सबूत देना होगा।


वहीं योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया का कहना है कि बजट में वित्त मंत्री ने अर्थव्यवस्था की सही तस्वीर पेश की है। फिलहाल करेंट अकाउंट घाटा और घटती ग्रोथ सबसे अहम समस्या है। टैक्स दरों में बदलाव ना करते हुए वित्त मंत्री ने अर्थव्यवस्था में सुधार की ओर संकेत दिया है।


मोंटेक सिंह अहलूवालिया के मुताबिक अगले वित्त वर्ष में ग्रोथ में सुधार की उम्मीद है। अगर अर्थव्यवस्था ने रफ्तार पकड़ी तो रोजगार और लोगों की आय में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। वहीं वित्तीय घाटा कम हुआ तो मार्केट में और पैसा आएगा, निवेश का माहौल भी सुधरेगा।


प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी बजट से खुश हैं। उन्होंने कहा कि ये बजट ग्रोथ को बढ़ावा देने वाला है, इससे इंडस्ट्री के मूड में सुधार होगा।


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