Moneycontrol » समाचार » म्यूचुअल फंड खबरें

बजट के बाद एमएफ इंडस्ट्री की सुधरेगी हालत

बजट में एसटीटी और आरजीईएसएस जैसे स्कीम में हुए बदलाव म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के लिए अहम है।
अपडेटेड Mar 05, 2013 पर 18:19  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

प्राइवेट वेल्थ मैनेजमेंट के डायरेक्टर फिरोज अजीज का कहना है कि बजट में डिविडेंड डिस्टिब्यूशन टैक्स, सिक्योरिटी ट्रांजेक्शन टैक्स और राजीव गांधी इक्विटी सेविंग्स स्कीम (आरजीईएसएस) जैसे तीन में अहम बदलाव हुए है। इसमें से 2 बदलाव म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के लिए काफी सकारात्मक है।


आरजीईएसएस स्कीम रिटेल निवेशकों के लिए काफी अच्छी है। राजीव गांधी इक्विटी स्कीम का दायरा 3 साल बढ़ाया गया  है और अब 12 लाख सालाना आय वाले निवेशक भी म्यूचुअल फंड और इक्विटी दोनों रास्तों के जरिए इस स्कीम में निवेश कर सकते हैं।


फिरोज अजीज का कहना है कि राजीव गांधी इक्विटी स्कीम का दायरा 3 साल बढ़ने से निवेशक 3 साल तक 3 बार निवेश कर सकते है या फिर एक निवेश पर ही 3 बार टैक्स छूट मिलेगी ये स्पष्टीकरण अब तक नहीं आया है। अगर एक निवेश पर 3 साल तक फायदा मिलता जाएं तो रिटेल निवेशक को ज्यादा से ज्यादा 15000 रुपये तक का फायदा मिल सकता है, तो ये अच्छा बदलाव है।


इक्विटी फंड पर एसटीटी में कटौती का फैसला काफी अच्छा है। हर इक्विटी फंड में जाने वाले पर लगने वाला 25 पैसे का टैक्स लगता था, वो घटकर बहुत कम हो गया है। ये बदलाव म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के लिए काफी सकारात्मक है। एक रिटेल निवेशक को डेट से निकलकर इक्विटी में निवेश करना चाहिए। 

आर्बिट्राज फंड इक्विटी में क्लासिफाय होते हैं और उनमें रिक्स बहुत कम होती है और वो 8-9 फीसदी की रिटर्न दे सकते हैं। उसमें डिविडेंड डिस्ट्रिब्यूशन टैक्स भी जीरो होता है तो ये बहुत बड़ा मौका है। 5000 करोड़ रुपये का एयूएम आर्बिट्राज फंड का घटकर अब 500 करोड़ रुपये पर आ गया है।


एएमसी अगर आर्बिट्राज फंड को लेगी क्योंकि उसका डिविडेंड डिस्ट्रिब्यूशन टैक्स भी कम हुआ है और लिक्विड फंड्स भी बढ़ गई है। साथ ही एसटीटी भी 25 पैसे से घट गया है। म्यूचुअल फंड के लिए आर्बिट्राज फंड काफी अच्छा है। 


जनवरी म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के लिए अच्छा रहा है। इक्विटी म्यूचुअल फंड, डेट म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में काफी बढ़त हुई है और  प्रोडक्ट इनोवेशन भी काफी बढ़ा है।


वीडियो देखें