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एमएफ मिस-सेलिंग रोकने के लिए कलर कोडिंग

सेबी के नए नियमों के तहत म्यूचुअल फंड कंपनियों को जोखिम बताने के लिए कलर कोडिंग करने होगी।
अपडेटेड Mar 19, 2013 पर 18:41  |  स्रोत : Moneycontrol.com

सेबी ने म्युचूअल फंड की मिस-सेलिंग रोकने के मकसद से नए नियम बनाए हैं। सेबी ने एक सर्कुलर जारी किया है, जिसके तहत अब सभी म्युचूअल फंड कंपनियों को अपनी स्कीमों की लेबलिंग करनी होगी।


नए नियमों के तहत म्यूचुअल फंड कंपनियों के लिए स्कीम का वर्ग, लक्ष्य और जोखिम की जानकारी देना जरूरी होगा। ये बताना जरूरी होगा कि स्कीम की अवधि क्या है और जोखिम किस स्तर का है।


जोखिम बताने के लिए कलर कोडिंग की जाएगी। लो रिस्क वाले फंड के लिए नीला बॉक्स, मीडियम रिस्क वाले फंड के लिए पीला बॉक्स और हाई रिस्क वाले फंड के लिए भूरा बॉक्स लगाया जाएगा।


कलर बॉक्स के साथ स्कीम का रिस्क प्रोफाइल देना जरूरी होगा। सेबी के इन नए नियमों का मकसद है कि निवेशकों को फंड की स्कीम के बारे में पूरी और सही जानकारी मिले। 1 जुलाई 2013 से नए नियम लागू होंगे।