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जानें आप किस तरह के टैक्स लाभ पा सकते हैं

प्रकाशित Thu, 21, 2013 पर 15:43  |  स्रोत : Moneycontrol.com

जो लोग इनकम टैक्स एक्ट में मिलने वाले विभिन्न टैक्स छूट और अन्य लाभ को देखते हैं वो अक्सर इसके एक बहुत महत्वपूर्ण घटक के बारे में भूल जाते हैं। टैक्स लाभ मिलने वाले समय के बारे में जानकारी रखना काफी जरूरी है क्योंकि ये उनकी टैक्स प्लानिंग में अहम रोल निभाता है। अक्सर ऐसा होता है कि टैक्स लाभ की एक निश्चित सीमा होती है और जब लोग टैक्स छूट का फायदा उठाना चाहते हैं उसकी समय सीमा बीत चुकी होती है। कई टैक्स लाभ ऐसे भी होते हैं जिन्हें जब चाहे प्राप्त किया जा सकता है। यहां पर दोनों तरह के टैक्स लाभ के बारे में बताया गया है जिन्हें देखकर आप अपना टैक्स समय पर बचा सकते हैं और टैक्स प्लानिंग कर सकते हैं।


सीमित अवधि के टैक्स लाभ


कुछ टैक्स छूट केवल छोटी अवधि के लिए मान्य होती हैं जिससे लोग समय पर टैक्स बचाने के लिए प्रयास करें। ये टैक्स लाभ या तो 1 साल के लिए मिलते हैं या 2-3 सालों के लिए मिल पाते हैं। इसका उदाहरण हाल ही में आए केंद्रीय बजट में मिल सकता है जिसके तहत नए घर खरीदने वालों को होमलोन के ब्याज दर में छूट मिल सकती है। इसके तहत कर्जदाता को 1 साल के लिए होमलोन के 1.5 लाख रुपये तक ब्याज पर मिलने वाली छूट के अतिरिक्त हर साल 1 लाख रुपये की छूट मिलेगी।


इस लाभ को ध्यान से देखने पर इसकी सीमाएं सामने आती हैं। पहला तो ये कि ये 1 लाख रुपये तक की छूट केवल 1 साल के लिए होगी। ये होमलोन के ब्याज पर हर साल मिलने वाली 1.5 लाख रुपये तक की छूट के सामन नहीं है। ये छूट वित्त वर्ष 2013-14 में ले ली जानी चाहिए। इसके साथ एक शर्त और है कि इसके लिए जो लोन लिए गए हों वो 1 अप्रैल 2013 से 31 मार्च 2014 के बीच में लिए गए होने चाहिएं। इसके पीछे हाउसिंग सेक्टर में नए निवेश को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है जिससे इस सेक्टर को फायदा मिल सके और लोगों को टैक्स छूट का फायदा मिल सके।


सीमित संभावनाएं


दूसरे रुप में सरकार टैक्स छूट के फायदों को सीमित कर देना चाहती है। बहुत कम लोग हैं जो टैक्स छूट के फायदे पाने के लिए शर्ते पूरी करते हों। इसका एक उदाहरण उन लोगों के लिए है जो 5 लाख रुपये की आय या इससे कम आय प्राप्त करते हैं। सरकार ने बेसिक टैक्स छूट घटाने की बजाए इस छूट को टैक्स क्रेडिट के रूप में दे दिया है। टैक्स क्रेडिट सिर्फ उन लोगों को मिल पाएगा जिनकी आय 5 लाख रुपये या इससे कम है। इसके जरिए सरकार सुनिश्चित करना चाहती है कि छूट का फायदा उन सभी लोगों को मिल पाए जो इसके हकदार हैं।


लगातार मिलने वाले लाभ


लोगों को लंबी अवधि में मिलने वाले लाभ के लिए मूल रूप से इंकम टैक्स एक्ट में बदलाव किए जाते हैं। इसे लगातार चलने वाली प्रक्रिया के रूप में देखा जाता है। इसके तहत ये नहीं बताया जाता कि टैक्स छूट या फायदे कितने लंबे समय के लिए जारी रहेंगे जिसका अर्थ है कि ये फायदे हमेशा के लिए जारी रह सकते हैं। इसके जरिए लंबी अवधि की वित्तीय प्लानिंग को बनाया जा सकता है जिससे अंततः निवेश की बढ़ावा मिलने में मदद मिलेगी। इसके जरिए लोगों को समय समय पर अपनी प्लानिंग में करने वाले बदलावों से भी मुक्ति मिल सकती है जो छोटी अवधि के लाभों के मद्देनजर किए जाते हैं। इससे एक तयशुदा समय के भीतर निवेश प्रक्रिया को बढ़ावा मिलता है और निवेशक टैक्स छूट के रूप में ज्यादा फायदे उठा पाते हैं।


ये लेख अर्णव पंड्या ने लिखा है जो फाइनेंशियल प्लानर हैं।