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निवेश में विविधता क्यों है जरूरी

प्रतिफल से समझौता किए बिना घटाएं जोखिम
अपडेटेड Apr 23, 2010 पर 11:51  |  स्रोत : Hindi.in.com

प्रतिफल से समझौता किए बिना घटाएं जोखिम


जोखिम बनाम मुनाफा आलेख में हमने बताया था कि हर निवेश से जोखिम कैसे जुड़ा रहता है। आप सोचेंगे कि अपने पोर्टफोलियो में जोखिम कम करना है तो सबसे अच्छा यह है कि कम लाभ वाले निवेश में धन लगाया जाए, लेकिन यह गलत सोच है।

अपने निवेश पोर्टफोलियो में जोखिम घटाने का सबसे अच्छा तरीका निवेश का विविधीकरण है। मानाकि दो किस्म की संपत्तियां हैं- ए और बी। दोनों में ही 10 फीसदी रिटर्न और 20 फीसदी विचलन (पोटेंशियल डेविएशन यानी संभावित मुनाफे में अंतर का अनुमान) है। इन दोनों में रिटर्न आपस में संबंधित नहीं है। यानी असेट ए का प्रदर्शन असेट बी के प्रदर्शन पर निर्भर नहीं है।

मान लीजिए कि आप दोनों संपत्तियों में निवेश करते हैं। आपका संभावित रिटर्न  (0.5 * 10% + 0.5 * 10%) भी दस फीसदी के बराबर होगा। यह किसी व्यक्तिगत संपत्ति के बराबर ही है। आपने अब अपने जोखिम को दो असंबद्ध संपत्तियों से जोड़ दिया है। आपके पोर्टफोलियो में स्टैंडर्ड डेविएशन 14.1 फीसदी होगा। (जो हर संपत्ति के 20 फीसदी रिटर्न से कम है।)


आप अपने मुनाफे से समझौता किए बिना जोखिम घटा सकते हैं। आपने देखा कि केवल विविधता लाने से रिटर्न 14.1 फीसदी रहा। ( जो एक ही संपत्ति में निवेश करने से 20 फीसदी रहता।) ऐसी दो संपत्तियों का चुनाव करके, जिनमें आपस में कोई संबंध नहीं है, आप अपना जोखिम घटा सकते हैं। इसमें आपको अपने लाभ घटने का भी खतरा नहीं है। निवेश की योजना बनाते समय दो बातें ध्यान में रखने की जरूरत है-


1. हर संपत्ति से जोखिम जुड़ा है। जितना ज्यादा जोखिम होगा, मुनाफे की उतनी ज्यादा संभावना होगी।

2. सारा निवेश एक ही जगह नहीं करें।


सारी संपत्तियों का विविधीकरण करके आप जोखिम घटा सकते हैं। आपको लगातार मुनाफे के स्टैंडर्ड डेविएशन की गणना नहीं करनी है, बल्कि आपको केवल सतर्क रहना होगा कि आपके पोर्टफोलियो में विविधता लाई जा रही है तो कुल जोखिम कम हो जाएगा।


जोखिम घटने का पूरा फायदा उठाने लिए आपको अपना पूरा निवेश ऐसी विविध संपत्तियों में करना चाहिए जिनका आपस में कोई संबंध नहीं हो। विभिन्न संपत्तियां निश्चित आय, इक्विटी, रीयल एस्टेट, गोल्ड और निवेश विकल्पों में लगाई जानी चाहिए। जब आप शेयरों में धन लगाएं तो अलग-अलग सेक्टरों की कंपनियों में लगाना चाहिए। फिक्स्ड वाले विकल्पों में धन लगाएं तो सरकारी और कंपनियों के निवेश विकल्पों में धन लगाएं।


नियमः अपने निवेश को 15-20 किस्म की व्यक्तिगत संपत्तियों में बांटकर रखें।