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रेलीगेयर एमएफ द्वारा स्वर्ण के साथ मासिक आय योजना का आरंभ

रेलीगेयर म्युचुअल फंड ने रेलिगेयर मासिक आय योजना (एमआईपी) प्लस के लॉन्च की घोषणा की है
अपडेटेड Apr 24, 2010 पर 18:20  |  स्रोत : Hindi.in.com

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रेलीगेयर म्युचुअल फंड ने दो नए फ़ंड लॉन्च करने की घोषणा की है: रेलिगेयर मासिक आय योजना (एमआईपी) प्लस – एसेट्स आवंटन के साथ भारत की पहली मासिक आय योजना (स्वर्ण के साथ), एवं रेलिगेयर मासिक आय योजना - पारंपरिक मासिक आय योजना।

रेलीगेयर मासिक आय योजना (एमआईपी) प्लस

रेलिगेयर एमआईपी प्लस उन पारंपरिक मासिक योजनाओं से अलग है जो इक्विटी और स्थाई आय को परस्पर जोड़ती हैं। यह अनोखा फ़ंड प्रस्तुत कर रहा है एक नया एसेट  वर्ग – स्वर्ण (ईटीएफ के माध्यम से)। इसका उद्देद्श्य है विविधता और बेहतर प्रदर्शन। अन्य अधिकांश एसेट वर्गों से स्वर्ण का नकारात्मक या निम्न सहसंबंध है, जिसका मतलब है इसका मूल्य परिवर्तन, अन्य एसेट वर्गों जैसे इक्विटी और ऋण के मूल्य परिवर्तनों से स्वतंत्र है। स्वर्ण को जोड़ने से फ़ंड मैनेजर को एसेट वर्गों के बीच के आवंटन में फेरबदल करने का विकल्प मिलता है ताकि जारी बाज़ार स्थितियों का पूरा लाभ लेने के उद्देश्य से फ़ंड को उपयुक्त स्थिति में रखा जा सके।

फ़ंड स्थाई आय सिक्युरिटीज़, स्वर्ण ईटीएफ, इक्विटी एवं इक्विटी संबंधित उपकरणों के माध्यम से नियमित आय उत्पन्न करने की कोशिश करता है।

यह फ़ंड अपने एसेट्स का न्यूनतम 65%, ऋण और पूंजी बाज़ार उपकरणों में निवेश करेगा (एक्सपोजर सीमा 65% - 90%); इसके अतिरिक्त न्यूनतम 10% का निवेश स्वर्ण ईटीएफ में करेगा (एक्सपोजर सीमा 10% - 35%)। औसत पूंजी विकास उत्पन्न करने के लिए यह फ़ंड इक्विटी एवं इक्विटी संबंधित एसेट्स में 25% तक निवेश करेगा (एक्सपोजर सीमा 0 – 25%)। स्टॉक्स चुनने के लिए फ़ंड मैनेजर बॉटम अप निवेश के दृष्टिकोण को अपनाएगा। यह फ़ंड क्रिसिल एमआईपी ब्लेंडेड इंडेक्स और स्वर्ण के मूल्य के सापेक्ष निर्देशित किया गया है।

रेलिगेयर एमएफ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सौरभ नानावटी ने इस अवसर पर कहा, “पारंपरिक रूप से, भारतीय निवेशकों ने हमेशा स्थाई आय एवं स्वर्ण को सुविधाजनक पाया है। इसके अलावा पारंपरिक एमआईपी में स्वर्ण के जुड़ने से खुदरा निवेशकों को यह सुविधा मिलती है कि वे 3 विभिन्न एसेट वर्गों की ट्रैकिंग एवं निवेश के बजाय 1 योजना में निवेश कर पाते हैं। साथ ही यह योजना एक स्पष्ट रूप से भिन्न जोखिम/लाभ विशेषता देती है। स्वर्ण का अन्य प्रमुख एसेट वर्गों जैसे इक्विटी और ऋण से निम्न या विरोधी सहसंबंध होने के कारण गिरते वित्त बाज़ार एवं कमज़ोर आर्थिक वातावरण के दौरान जोखिम/लाभ को मज़बूत करने और बेहतर करने में सहायता मिलती है।”


रेलिगेयर मासिक आय योजना



फ़ंड स्थाई आय सिक्युरिटीज़, स्वर्ण ईटीएफ, इक्विटी एवं इक्विटी संबंधित उपकरणों के माध्यम से नियमित आय उत्पन्न करने की कोशिश करता है।

रेलिगेयर मासिक आय योजना पारंपरिक एमआईपी उत्पाद है जो मुख्य रूप से उच्च गुणवत्ता वाली आय सिक्युरिटीज़ के पोर्टफ़ोलियो के माध्यम से एवं इक्विटी और इक्विटी संबंधी उपकरणों के छोटे से ऋण जोखिम के साथ नियमित आय उत्पन्न करने की कोशिश करता है।

फ़ंड, ऋण एवं पूंजी बाज़ार में 75%-100% और इक्विटी तथा इक्विटी संबंधी उपकरणों में 0-25% निवेश करेगा। यह फ़ंड क्रिसिल एमआईपी ब्लेंडेड इंडेक्स के सापेक्ष निर्देशित किया गया है।(देखें – म्युचुअल फ़ंड न्यू फ़ंड लिस्टिंग)।


रेलिगेयर एमआईपी प्लस तथा रेलिगेयर मासिक आय योजना, दोनों के लिए एनएफओ के दौरान विकास विकल्प के अंतर्गत न्यूनतम एप्लिकेशन राशि 5,000 रुपये है और उसके बाद 1 रुपये के गुणकों में है। लाभांश विकल्प के अंतर्गत न्यूनतम एप्लिकेशन 25,000 रुपये है तथा 1 रुपये के गुणकों में है।

योजना में प्रवेश के लिए लोड शुल्क शून्य है। यदि इकाइयां वितरण की दिनांक से 1 वर्ष में या उसके बाद रिडिम्ड/स्विच्ड-आउट की जाती हैं तो इकाइयों की प्रत्येक खरीद/स्विच-इन के संबंध में प्रस्थान शुल्क 1% देय है।