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योर मनी: कैसे चुनें सही इंश्योरेंस पॉलिसी

पॉलिसी बाजार के यशीष दहिया से जानेंगे इंश्योरेंस से जुड़े सवालों के जबाव।
अपडेटेड Jun 21, 2013 पर 15:05  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

पॉलिसी बाजार के यशीष दहिया से जानेंगे इंश्योरेंस से जुड़े सवालों के जबाव।


सवाल : मेरी उम्र 30 साल है और मेरी सालाना आय 4 लाख रुपये है। टर्म कवर लेना है, किस कंपनी से लूं? टर्म प्लान लेते वक्त किन बातों का खयाल रखना चाहिए?


यशीष दहिया : जब तक आप रिटायरमेंट नहीं लेते तब तक का कवर जरूर लें। टर्म कवर सालाना आय के 10 गुने से ज्यादा होना चाहिए। किसी भी तरह का कर्ज हो तो वो कवर होना चाहिए। क्रिटिकल इलनेस या एक्सिडेंटल डेथ बेनेफिट राइडर मिले तो वो भी आपको लेना चाहिए। धूम्रपान करने वालों का प्रीमियम ज्यादा होता है।


50 लाख रुपये के कवर के लिए आपको 30 साल तक भारती अक्सा ई प्रोटेक्ट में 4,607 रुपये, अविवा आई लाइफ में 4,635 रुपये और टाटा आई रक्षा 5,000 रुपये का सालाना निवेश करना होगा।


सवाल : मैं एचडीएफसी एसएल क्रेस्ट में निवेश करता हूं। कम से कम 5 साल के लिए प्रीमियम देना है। अब तक मैंने 50,000-50,000 रुपये के दो प्रीमियम भरे हैं। क्या ये पॉलिसी जारी रखनी चाहिए?
 
यशीष दहिया : यूलिप में कितना रिटर्न मिलेगा ये बताना मुश्किल होता है। क्योंकि यूलिप का रिटर्न शेयर बाजार पर निर्भर करता हैं। एचडीएफसी एसएल क्रेस्ट एक गारंटीड हाईएस्ट एनएवी प्लान है इसमें आप कम से कम 5 साल प्रीमियम भरें और पॉलिसी जारी रखें। एचडीएफसी एसएल क्रेस्ट एक अच्छा यूलिप प्लान है। आप निवेश के लिए इक्विटी, डेट या बैलेंस्ड पोर्टफोलियो चुन सकते हैं।


सवाल : मेरी उम्र 25 साल है। निवेश के लिए मैंने एचडीएफसी एसएल यंग स्टार सुपर प्रीमियम प्लान लिया था जिसका सम अश्योर्ड 3 लाख रुपये है और सालाना प्रीमियम 30,000 रुपये हैं। इसका लॉक-इन पीरियड 5 साल का है और अब तक मैंने दो प्रीमियम भरें। क्या इस पॉलिसी को सरेंडर कर दूं या जारी रखूं?


यशीष दहिया : एचडीएफसी एसएल यंग स्टार सुपर प्रीमियम प्लान ट्रिपल बेनेफिट यूलिप है। फिलहाल इस पॉलिसी को बरकरार रखना चाहिए। अगर आप 5 साल से पहले सरेंडर करेंगे तो इंश्योरेंस कवर नहीं मिलेगा। एचडीएफसी एसएल यंग स्टार सुपर बच्चे के लिए अच्छी पॉलिसी है। इसमें पेरेंट को लाइफ कवर मिलता है।

पेरेंट को गंभीर बीमारी या मौत होने की स्थिति में बच्चे को सम अश्योर्ड मिलता है। पेरेंट की मौत हो जाने की स्थिति में बाकी प्रीमियम कंपनी भरती है और मेच्योरिटी पर बच्चे को फंड वैल्यू मिलती है।


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