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म्यूचुअल फंड में निवेश कैसे शुरु करें

फिरोज अजीज ने म्यूचुअल फंड से जुड़े कई सवालों के जवाब दिए जो आपके बहुत काम आ सकते हैं।
अपडेटेड Jul 05, 2013 पर 14:50  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

आनंद राठी प्राइवेट वेल्थ मैनेजमेंट के डायरेक्टर एंड हेड इन्वेस्टमेंट प्रोडक्ट, फिरोज अजीज ने म्यूचुअल फंड से जुड़े कई सवालों के जवाब दिए जो आपके भी बहुत काम आ सकते हैं।


सवाल : मेरे पास रिलायंस पावर डायवर्सिफाइड म्यूचुअल फंड में डिविडेंड ऑप्शन की 100 यूनिट्स है। 5 साल पहले ये स्कीम ली थी, अभी भी घाटे में हूं क्या करूं?


फिरोज अजीज : आप रिलायंस डायवर्सिफाइड पावर फंड से निकल जाएं और रिलायंस इक्विटी अपॉर्च्युनिटीज फंड में खरीदें। रिलायंस डायवर्सिफाइड पावर फंड एक सेक्टोरियल फंड है जिसमें जोखिम ज्यादा है। देश में फिलहाल पावर सेक्टर में कई चुनौतियां है।

पावर कंपनियों की उधार लेने की लागत काफी ज्यादा है और पर्यावरण संबंधी चुनौतियों भी काफी है। पावर सेक्टर में बनी दिक्कते 1-1.5 साल में सुलझने की उम्मीद नहीं है लिहाजा रिलायंस डायवर्सिफाइड पावर फंड से जल्द निकल जाएं और सेक्टोरियल फंड से दूर रहें। एक सेक्टर फंड से दूसरे सेक्टर फंड में नहीं जाएं।


सवाल : मेरी उम्र 26 साल है। मुझे म्यूचुअल फंड में निवेश करना है, क्या इसके लिए डीमैट अकाउंट जरूरी होता है, म्यूचुअल फंड में निवेश पर कितने चार्जेस देने होते हैं? अगर मैं किसी म्यूचुअल फंड स्कीम को बदलकर कोई और स्कीम लेना चाहता हूं, तो इसके लिए क्या चार्जेस देने होंगे? 


फिरोज अजीज : कोई डीमैट खाते की जरूरत नहीं होती है। अगर म्यूचुअल फंड में निवेश करना है तो पहले केवायसी कम्पालाइंट होना पड़ता है। केवायसी कम्पालाइंट के होने के बाद आप फिजिकली इंवेस्ट करना चाहे तो ईमसी या किसी डिस्ट्रीब्यूटर से म्यूचुअल फंड खरीद सकते हैं।

किसी भी स्कीम को खरीदते समय कोई चार्जेस नहीं लगता और ना हीं म्यूचुअल फंड खरीद पर एंट्री लोड होता है। लेकिन स्कीम को बेचने पर 0.001 फीसदी का सिक्योरिटी टैक्स लगता है और चार्जेस फंड की एनएवी में शामिल किए जाते हैं। इक्विटी और डेट फंड के लिए  चार्जेस अलग-अलग होते हैं।


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