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टैक्स गुरु से समझें टैक्स की बारीकियां

प्रकाशित Sat, 06, 2013 पर 12:38  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स देना कई बार सिरदर्दी बन जाता है। टैक्स चुकाने की प्रक्रिया की सही जानकारी ना होने के चलते ऐसा होता है। टैक्स गुरु सुभाष लखोटिया से जानें कि टैक्स चुकाना कितना सरल और बिना परेशानी वाला काम है।


सवालः क्या एचयूएफ का बैंक में अलग पीपीएफ अकाउंट खोला जा सकता है?
 
सुभाष लखोटिया: एचयूएफ के नाम पर पीपीएफ अकाउंट नहीं खोला जा सकता है। एचयूएफ अपने सदस्यों के पीपीएफ अकाउंट में योगदान कर सकता है। इसके ऊपर एचयूएफ 80 सी का लाभ ले सकते हैं।


सवालः पुश्तैनी घर की बिक्री से 5-6 लाख रुपये मिलने वाले हैं, क्या इस रकम पर टैक्स छूट मिलेगी? इस रकम का निवेश कहां करें?


सुभाष लखोटिया: पुश्तैनी घर की बिक्री से मिलने वाली रकम पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। अगर आप उस प्रॉपर्टी के कुछ हिस्से के मालिक हैं तो इस स्थिति में प्रॉपर्टी बेचने पर आपको कैपिटल गेन टैक्स लगेगा। पैसे को सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम या बैंक एफडी में डालें।


सवालः एसेसमेंट इयर 2010-2011 में ई रिटर्न भरा लेकिन आईटीआर-वी बंगलुरु भेजना भूल गया। इससे 97,000 रुपये का पिफंड अटक गया है, रिफंड कैसे क्लोम करें?


सुभाष लखोटियाः आईटीआर-वी बंगलुरु ना भेजकर आपने गलती की है। ई रिटर्न भरने के 120 दिन के भीतर इसे बंगलुरु भेजना होता है। समय पर आईटीआर-वी नहीं भरने पर माना जाता है कि रिटर्न नहीं भरा गया है। आयकर की धारा 119 के तहत एसेसमेंट ऑफिसर और इनकम टैक्स कमिश्नर को आवदेन लिखें। इसमें देरी के लिए लिखित में माफी मांगे और रिफंड की मांग करें। इससे आपकी समस्या का समाधान हो जाएगा।


सवालः सितंबर 2012 में शादी के लिए दोस्त से 6 लाख रुपये का लोन लिया था। मई 2013 में दोस्त से 7 लाख रुपये लेकर लोन चुका दिया। इस स्थिति में टैक्स की देनदारी कैसे बनेगी?


सुभाष लखोटियाः दोस्त से 7 लाख रुपये का लोन लिया है तो उतना ही जुर्माना लगेगा। किसी से भी 20,000 रुपये से ज्यादा की रकम उधार के लिए कैश में कभी भी ना लें। इससे ज्यादा पैसे लेंगे तो भारी जुर्माना लगेगा। इसके लिए अकाउंट पेईचेक से लोन लें और इसी से भुगतान करें। 


सवालः पुरानी कंपनी से पीएफ रकम निकाली, क्या नई कंपनी को इस बात की जानकारी देनी होगी? 2 फॉर्म 16 हैं, क्या रिटर्न भरते वक्त दोनों फॉर्म 16 के बारे में जानकारी देनी होगी?


सुभाष लखोटियाः पिछली कंपनी में 4 साल काम किया इसलिए कंपनी ने पीएफ के पैसे निकालने पर टैक्स काटा होगा। 5 साल से कम किसी कंपनी में काम करने पर पीएफ के पैसे निकालने पर टैक्स लगेगा। नई कंपनी को जानकारी देना जरूरी ताकि सही टैक्स कटे। आगर नई कंपनी में जानकारी नहीं दी तो आईटी रिटर्न भरते दोनों कंपनियों से मिले फॉर्म 16 की जानकारी दें।


सवालः पीपीएफ से ब्याज 45,000 रुपये मिल रहा है, बचत खाते से करीब 9000 रुपये का ब्याज मिल रहा है, कौनसा रिटर्न फॉर्म भरना होगा?


सुभाष लखोटियाः आपकी एक्जेंप्टेड इनकम 5000 रुपये से ज्यादा है इसलिए आपको आईटीआर-2 फॉर्म भरना होगा।


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