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बिड़ला सन लाइफ इक्विटी फंड में निवेश करें!

अर्णव पांड्या के मुताबिक ज्यादा जोखिम उठा पाने वाले निवेशक फंड में 2 साल के नजरिए से पैसा लगा सकते हैं।
अपडेटेड Jul 09, 2013 पर 14:13  |  स्रोत : Moneycontrol.com

बिड़ला सन लाइफ इक्विटी फंड एक ओपन एंडेड फंड है, जिसके तहत पोर्टफोलियो का 90 फीसदी इक्विटी और बाकी डेट और मनी मार्केट सिक्योरिटीज में निवेश किया जाता है। फंड का ज्यादातर निवेश बैंक और फाइनेंशियल सेक्टर में किया गया है। फार्मा और टेक्नोलॉजी सेक्टर में भी निवेश का बड़ा हिस्सा है। फाइनेंशियल एडवाइजर अर्णव पांड्या का कहना है कि जो निवेशक ज्यादा जोखिम उठाने में सक्षम हो, वो बिड़ला सन लाइफ इक्विटी फंड में निवेश कर सकते हैं।


वर्ग: इक्विटी ओरियंटेड डायवर्सफाइड ओपन एंडेड


आरंभ: अगस्त 1998


एसेट अंडर मैनेजमेंट: मार्च 2013 को 713 करोड़ रुपये


फंड मैनेजर: अनिल शाह


विश्लेषण


बिड़ला सन लाइफ इक्विटी फंड डायवर्सफाइड स्कीम है जिसमें सभी तरह के शेयरों में निवेश किया जाता है, चाहे लार्ज कैप हो या स्मॉल कैप। दिसंबर 2011 के अंत में फंड ने सबसे ज्यादा निवेश यानि 6 फीसदी आईटीसी में किया था। इंफोसिस और रिलायंस इंडस्ट्रीज में भी 5-5 फीसदी से ज्यादा का निवेश किया गया था। टीसीएस, आईसीआईसीआई बैंक, डॉ रेड्डीज, एचडीएफसी, जिंदल स्टील, टॉरेंट फार्मा और बजाज ऑटो फंड के टॉप 10 होल्डिंग में शामिल थे। फंड का बेंचमार्क बीएसई 200 है और 1 साल और 3 साल की अवधि में फंड थोड़ा अंडरपरफॉर्मर रहा था।


मई 2012 के अंत में बिड़ला सन लाइफ इक्विटी फंड के पोर्टफोलियो में बदलाव आया था और आईसीआईसीआई बैंक में फंड का सबसे ज्यादा पैसा लगा था। आईटीसी में करीब 5 फीसदी का निवेश किया गया था। रिलायंस इंडस्ट्रीज, इंफोसिस, एसबीआई, टीसीएस, एलएंडटी, डॉ रेड्डीज, एचडीएफसी, टॉरेंट फार्मा में भी निवेश किया गया था। मार्च 2012 को खत्म हुई 1 साल और 3 साल की अवधि में फंड थोड़ा ऑउटपरफॉर्मर रहा था।


बिड़ला सन लाइफ इक्विटी फंड के फंड में कंसोलिडेशन जारी रहा और दिसंबर 2012 के अंत में आईसीआईसीआई बैंक में पोर्टफोलियो का 8 फीसदी से ज्यादा निवेश किया गया था। केर्न इंडिया और सत्यम कंप्यूटर्स में भी निवेश बढ़ा। इंडसइंड बैंक, आईटीसी, हिंदुस्तान जिंक, टाटा मोटर्स डीवीआर, एलएंडटी, डॉ रेड्डीज, कमिंस इंडिया में भी बड़ा निवेश किया गया था। अक्टूबर 2012 से अनिल शाह फंड मैनेजर बने थे। 1 साल की अवधि में फंड आउटपरफॉर्मर रहा था। वहीं, 3 साल की अवधि में फंड का प्रदर्शन बेंचमार्क के बराबर ही रहा था।


मार्च 2013 के अंत में बिड़ला सन लाइफ इक्विटी फंड ने अपने पोर्टफोलियो का 7 फीसदी आईसीआईसीआई बैंक में लगाया हुआ था। केर्न इंडिया, एचसीएल टेक, ऑरबिंदो फार्मा, हिंदुस्तान जिंक, सन फार्मा और एलआईसी हाउसिंग में भी बड़ा निवेश किया गया था। मार्च 2013 को खत्म हुई 1 साल की अवधि में फंड आउटपरफॉर्मर रहा था। लेकिन, 3 साल की अवधि में अंडरपरफॉर्मर रहा था।


बिड़ला सन लाइफ इक्विटी फंड के प्रदर्शन में धीरे-धीरे सुधार आ रहा है। अर्णव पांड्या के मुताबिक ज्यादा जोखिम उठा पाने वाले निवेशक इस फंड में 2 साल के नजरिए से पैसा लगा सकते हैं। लंबी अवधि के निवेशकों को इंतजार करना चाहिए और देखना चाहिए कि फंड का आगे का प्रदर्शन कैसा है।