Moneycontrol » समाचार » स्टॉक व्यू खबरें

रेड अलर्टः ज्यादा ब्याज के खर्च वाली कंपनियों में क्या करें

कई कंपनियों का एबिटडा उनके कर्ज के ब्याज खर्च से भी कम हो चुका है। ऐसी कंपनियों में क्या करें इस पर जानकारों की राय।
अपडेटेड Aug 23, 2013 पर 11:45  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

रुपया कमजोर है और इकोनॉमी की हालत खस्ता। इस बुरे हाल में कई कंपनियों पर कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है और उनमें से बहुत कंपनियां कर्ज पर ब्याज चुकाने की हालत में ही नहीं है।


कई कंपनियों का एबिटडा उनके कर्ज के ब्याज के खर्च से भी कम हो चुका है। ऐसे में लगातार ब्याज दरों में बढ़ोतरी का भी बुरा असर कंपनियों पर होगा। क्या ऐसी कंपनियां बची रह पाएंगी और क्या करना चाहिए ऐसी कंपनियो के शेयरों में इस पर फॉर्च्यून विजार्ड डॉटकॉम के रिसर्च हेड आशीष तातेड़ और ट्रेड स्विफ्ट ब्रोकिंग के डायरेक्टर संदीप जैन ने अपनी राय दी है।  
 
जिन कंपनियों पर कर्ज की वजह से ज्यादा दबाव दिख रहा है उनमें सुजलॉन एनर्जी का नाम सबसे पहले निकलकर सामने आया है जिसपर वैश्विक मंदी का गहरा असर हुआ है। इसके अलावा अदानी पावर, एस्सार ऑयल, सेसा गोवा, ऑर्बिट कॉर्प जैसी कंपनियां हैं जिनके एबिटडा इनके ब्याज पर खर्च से कम है। एस्सार ऑयल का एबिटडा 2771 करोड़ रुपये है और कंपनी 3424 करोड़ रुपये के कर्ज के ब्याज के बोझ में डूबी है।


हालांकि ये कंपनियां काफी अच्छे वैल्यूएशन पर मिल रही हैं। इन कंपनियों के शेयर 90 फीसदी से ज्यादा डिस्काउंट पर मिल रहे हैं।


संदीप जैन के मुताबिक जिन कंपनियों पर बहुत ज्यादा ब्याज का बोझ है उनसे दूर रहना चाहिए। अर्थव्यवस्था की खराब हालत को देखते हुए इनके लिए स्थिति काफी खराब है। रुपया लगातार गिर रहा है और ब्याज दरें बढ़ रही हैं।


एडुकॉम्प सॉल्यूशंस


एडुकॉम्प सॉल्यूशंस के ब्रैंड नाम को देखते हुए इसमें नए निवेश हो रहे हैं लेकिन इसके पास अपने कर्मचारियों को देने के लिए भी पैसे नहीं हैं। शेयर 1135 रुपये के रिकॉर्ड उंचाई से 98 फीसदी गिर चुका है और 18.85 रुपये पर कारोबार कर रहा है। इस शेयर से निकल जाना चाहिए।


जीएमआर इंफ्रा


शेयर अपने रिकॉर्ड उंचाई 134.9 रुपये से 91 फीसदी नीचे 12.5 रुपये पर आ चुका है। इस शेयर में खरीदारी नहीं करनी चाहिए। जिन लोगों ने निवेश किया हुआ है उन्हें कोई भी उछाल मिलने पर निकल जाना चाहिए।


ऑर्बिट कॉर्प


शेयर अपने उच्च स्तर 540 रुपये से 97 फीसदी नीचे 14.19 रुपये पर आ चुका है। शेयर में से निवेश निकाल लेना चाहिए। शेयर में तेजी के दौरान 15-18 रुपये के स्तर आ जाते हैं तो इस स्तर पर निवेश निकाल लेना चाहिए।


ऐवरेस्ट कांटो


शेयर अपने उच्च स्तर 385 रुपये से 98 फीसदी नीचे 7.74 रुपये पर आ चुका है। कंपनी के अपने कर्ज को सर्विस ना कर पाने के संकेत हैं। निवेशकों को शेयर में से बिकवाली कर लेनी चाहिए।


आशीष तातेड़ के मुताबिक कंपनियों के ब्याज के खर्च का एबिटडा से ज्यादा होना खतरनाक संकेत है। ऐसी कंपनियों में निवेश करना अपने पैसे को जानबूझकर डुबोने जैसा है। 


सुजलॉन एनर्जी


सुजलॉन एनर्जी का एबिटडा 1296.5 करोड़ रुपये है और कंपनी पर 1854.8 करोड़ रुपये का कर्ज के ब्याज का बोझ है।शेयर अपने उच्च स्तर 460 रुपये से 99 फीसदी गिर चुका है और इसकी मौजूदा कीमत 6.36 रुपये आ चुकी है। कंपनी की रिटर्न ऑन इक्विटी काफी निचले स्तर पर आ चुकी है। इस शेयर से बिलकुल दूर रहना चाहिए।


एचसीसी (हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी)


शेयर अपने उच्च स्तर 134.9 रुपये से 91 फीसदी नीचे 12.5 रुपये पर आ चुका है। कंपनी अपने कर्ज को रीस्ट्रक्चर कर चुकी है। कंपनी का मार्केट कैप 600 करोड़ रुपये का है। कंपनी में इस समय ज्यादा मुनाफा नहीं है लेकिन इसके ऐसेट के वैल्यूएशन आकर्षक हैं और इसमें खरीदारी की जा सकती है।


अदानी पावर


शेयर पावर सेक्टर का सबसे अंडरपफॉर्मर शेयर है। शेयर अपने उच्च स्तर 145.9 रुपये से 75 फीसदी नीचे 36.55 रुपये पर आ चुका है। अदानी पावर का एबिटडा 955 करोड़ रुपये है और इस पर 1702.8 करोड़ रुपये का कर्ज के ब्याज का बोझ है।  शेयर में से निवेश निकाल लेना चाहिए।


सेसा गोवा


सेसा गोवा का स्टरलाइट इंडस्ट्रीज के साथ विलय होने के बाद कंपनी के ऐसेट काफी अच्छे हो जाएंगे। सेसा गोवा का शेयर अपने मौजूदा स्तर से काफी बढ़ सकता है। मेटल शेयर में सेसा गोवा सबसे पसंदीदा शेयर है।


वीडियो देखें