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रियल एस्टेट टीवीः बदलेगी नवी मुंबई की तस्वीर

अब की बार लग रहा है कि नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट रनवे तक पहुंच गया है।
अपडेटेड Nov 26, 2013 पर 12:51  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

करीब 15 साल पहले पनवेल से आगे एक नया इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाने की बात उठी थी। प्रोजेक्ट रेड टेप में फंसा, पर्यावरण मंजूरी के लिए वक्त लगा, जमीन अधीग्रहण में भी दिक्कतें आयी। इस बीच रियल एस्टेट सेक्टर ने इसका खूब फायदा उठाया। एयरपोर्ट के बल पर प्रोजेक्ट बने, कीमतें बढ़ीं और मकान भी बिकें। बस, एयरपोर्ट नहीं बना। लेकिन, अब की बार लग रहा है कि नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट रनवे तक पहुंच गया है।


नवी मुंबई एयरपोर्ट 2268 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला होगा। जिसमें से सिडको के पास 1572 हेक्टेयर होगा जबकि 25 हेक्टेयर सरकारी जमीन होगी। नवी मुंबई एयरपोर्ट की कीमत 1998 में 4766 करोड़ रुपये थी जो अब बढ़कर 14,573 करोड़ रुपये हो गई है। नवी मुंबई एयरपोर्ट पर प्रस्तावित ट्रैफिक 600 करोड़ होगा। नवी मुंबई एयरपोर्ट के लिए 671 हेक्टेयर का अधिग्रहण होगा।


पिछले हफ्ते ऐसे लग रहा था कि एयरपोर्ट का मसला सुलझ गया है। अब देर है तो सिर्फ भूमि पूजन की। लेकिन, मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हान के बयान से तो ये साफ है कि रास्ते में अब भी रुकावटें है। तो क्या होगा सरकार का अगला कदम। क्या अब समुंदर के बीच बनेगा एयरपोर्ट या फिर 2017 में यहां ये उडा़नें भरती नजर आएंगी। इस सब पर सिडको के एमडी संजय भाटिया का कहना है कि एयरपोर्ट बनाने वालों को भरोसा है कि 2017 का डेडलाइन वो पूरा कर पाएंगें। वो ये भी मानते हैं कि इन इलाकों में कीमतें पहले से बढ़ गयी है। लेकिन, राहत देने वाली बात ये है कि हर साल सिडको 6000 नए सस्ते मकान भी बनाएगी। 


नवी मुंबई एयरपोर्ट के कुछ 25 किलोमीटर के दायरे में आ रहे गांव को जोड़कर सिडको एक नया शहर बनाएगा। 60,000 हेक्टेयर पर बनने वाला ये शहर साइज में 2 नवी मुंबई के बराबर होगा। और इसे बनाने के लिए भी सिडको एक काफी अनूठा तरीका अपना रहा है।


नवी मुंबई एयरपोर्ट दिसंबर 2017 तक बनता है, तो मुंबई का कन्जेशन कुछ हद तक सुलझ सकता है और शहर से उडानों की तादाद बढेंगी। साथ ही, यहां के रियल एस्टेट बाजार को फायदा तो होना ही है। लेकिन, सोने पे सुहागा वाली बात ये है कि मकानों का सप्लाई बढ़ेगा और सिडको खुद सालाना 6000 सस्ते मकान बनाने की बातें कर रहा है। लेकिन, इसी एयरपोर्ट को कागजी कार्रवाई से आगे बढ़ने में 15 साल लगे हैं। अब उम्मीद यही है कि एयरपोर्ट और नया शहर, दोनों ही जल्द से जल्द टेक ऑफ करेंगें।


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