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बाजार अब कहां जाएं, आरबीआई-फेड पर नजर

आगे कैसी रहेगी बाजार की चाल, बता रहे हैं प्रामेरिका म्यूचुअल फंड के ईडी और सीआईओ बी पी सिंह।
अपडेटेड Nov 25, 2021 पर 15:26  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

पिछले सप्ताह भारी गिरावट का मुंह देखने के बाद अब भारतीय बाजार कुछ संभलते नजर आ रहे हैं। हालांकि आनेवाले दिन भारतीय बाजारों के लिए काफी चुनौती भरे साबित होंगे। एक ओर 17-18 दिसंबर को अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक है, जहां क्यूई3 में कटौती जैसे कड़े कदम उठाए जाने की आशंका है। तो वहीं दूसरी ओर 18 दिसंबर को ही आरबीई की क्रेडिट पॉलिसी भी है, जहां ब्याज दरों में बढ़ोतरी संभावित है। इस चुनौतीपूर्ण माहौल में आगे कैसी रहेगी बाजार की चाल, क्या होगा एफआईआई का रुख बता रहे हैं प्रामेरिका म्यूचुअल फंड के ईडी और सीआईओ बी पी सिंह।


बी पी सिंह का कहना है कि विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद भारतीय बाजारों में गिरावट देखने को मिल रही है। वहीं वैश्विक स्तर की हलचलें भी अब बाजारों के लिए काफी अहम हो गई हैं। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक में टेपरिंग का मुद्दा सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है जो भारतीय बाजारों समेत समूचे वैश्विक बाजार का रुख तय करेगा। हालांकि ऐसी उम्मीद है कि इस बैठक में फेड टेपरिंग को लेकर कोई कदम ना उठाए, लेकिन इस संबंध में आगे की योजना को लेकर बयान जरूर अमेरिकी फेड की ओर से आएगा। इसके अलावा इस दौरान एफआईआई की भूमिका भी इस दौरान काफी अहम होगी।


अमेरिकी फेडरल रिजर्व की यदि तीसरे राहत पैकेज में कटौती करता है तो भारतीय बाजारों में गिरावट देखने को मिलेगी यह स्वाभाविक है। लेकिन ये गिरावट इस साल जुलाई-अगस्त में आई गिरावट की तुलना में कम होगी। टेपरिंग को लेकर कदम उठाए जाते हैं तो भारतीय बाजार 5-6 फीसदी तक लुढ़क सकते हैं। हालांकि निवेशकों के लिए गिरावट पर खरीदारी का ये एक बेहतर मौका होगा।


बाजार की निगाहें आरबीआई की पॉलिसी पर भी है जहां ब्याज दरों में कटौती की आशंकाओं को बल मिल रहा है। लेकिन यहां आरबीआई की मजबूरी को समझने की जरूरत है। महंगाई दर को नियंत्रण में लाना आरबीआई की प्राथमिक जिम्मेदारी है। ऐसे में हो सकता है 18 दिसंबर को आरबीआई दरों में कुछ बढ़ोतरी जरूर करे। वहीं लोकसभा चुनाव के बाद किसी भी राजनीतिक पार्टी की सरकार बने, बाजार की उम्मीद उस सरकार से आर्थिक सुधार के मोर्चे पर अहम कदम उठाने पर होगी। क्योंकि यदि अमेरिकी में टेपरिंग शुरू होती है तो भारतीय बाजार अस्थिरता की ओर बढ़ते जाएंगे। ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी यहां काफी अहम हो जाती है कि वह उचित कदम उठाकर बाजार को सहारा दे।


बी पी सिंह के अनुसार वह एमएनसी फार्मा कंपनियों समेत समूचे फार्मा सेक्टर पर उनका रुख सकारात्मक है। निवेशक फार्मा सेक्टर के अच्छे शेयरों में निवेश की रणनीति बना सकते हैं। किंतु यहां नजरिया लंबी अवधि का रखना होगा। वहीं जीएसके फार्मा का ओपन ऑफर निवेशकों को लिए शेयर में ऊपरी स्तरों पर निकलने का एक शानदार मौका होगा। निवेशक इससे निकलकर दूसरे अच्छे शेयरों में पैसा लगा सकते हैं।


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