Moneycontrol » समाचार » बाज़ार खबरें

फेड ने किया क्यू्ई3 में कटौती का ऐलान

एफओएमसी की बैठक में क्यूई3 को 10 अरब डॉलर घटाकर 75 अरब डॉलर हर महीने करने का फैसला लिया गया है।
अपडेटेड Nov 25, 2021 पर 15:26  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

फेडरल रिजर्व ने बॉन्ड खरीदारी में हर महीने 10 अरब डॉलर की कटौती का ऐलान किया है जिसके बाद जनवरी से टेपरिंग शुरू होगी।


एफओएमसी की बैठक में क्यूई3 को 10 अरब डॉलर घटाकर 75 अरब डॉलर हर महीने करने का फैसला लिया गया है। जनवरी 2014 से बॉन्ड खरीद प्रोग्राम में कमी शुरु होगी। वहीं ट्रैजरी सिक्योरिटीज की खरीद 45 अरब डॉलर से घटाकर 40 अरब डॉलर की है। इसके अलावा मॉर्टगेज बेस्ड सिक्योरिटीज की खरीद 40 अरब डॉलर की जाएगी।


हालांकि फेड की बैठक में ब्याज दरें बिना बदलाव के 0-0.25 फीसदी पर स्थिर रखी गई हैं। कमिटी ने फिलहाल ब्याज दरें 0% के करीब ही रखने का फैसला लिया है। बेरोजगारी दर 6.5 फीसदी के नीचे आने तक ब्याज दरें नहीं बढ़ेंगी।


फेड को आगे इकोनॉमिक ग्रोथ में सुधार और नई नौकरियां जुड़ने का भरोसा है और ज्यादातर अधिकारियों को 2015 की शुरुआत से ब्याज दरों में बढ़त का अनुमान है। फेड के फैसले के बाद अमेरिकी बाजारों में कल करीब 2 फीसदी की तेजी के साथ क्लोजिंग हुई।


क्यूई3 में कमी के बावजूद फेड के इकोनॉमी के आउटलुक पर भरोसे से अमेरिकी बाजार चढ़े। बेन बर्नान्के के मुताबिक इकोनॉमी में और सुधार होने पर अगले साल के अंत तक क्यूई3 खत्म होने की संभावना है।


बेन बर्नान्के के मुताबिक बेरोजगारी दर अब भी सामान्य से ज्यादा है। बेरोजगारी दर 5.2-5.8 फीसदी के बीच रहने का अनुमान है। महंगाई दर भी 2 फीसदी के लक्ष्य से नीचे है। मौजूदा हालात को देखकर दरें नहीं बढ़ाने का फैसला सही है।


ईएम कैपिटल मैनेजमेंट के एमडी और सीईओ सेथ आर फ्रीमैन का कहना है कि क्यूई3 में कटौती के चलते भारतीय बाजारों से एफआईआई निवेशकों की बड़ी बिकवाली की संभावना कम है।


वित्त मंत्री पी चिदंबरम का कहना है कि क्यूई3 में कटौतीके लिए भारतीय बाजार पहले से ही तैयार थे। उन्होंने क्यू्ई3 में कटौती पर आरबीआई गवर्नर से चर्चा की है। क्यूई3 में कटौती पर भारतीय बाजारों को आश्चर्य नहीं हुआ है। और मई के मुकाबले अब बाजार क्यू्ई3 कटौती से निपटने के लिए ज्यादा तैयार हैं। बाजार क्यूई3 कटौती के परिणामों से बचने के लिए बेहतर रुप से तैयार है।


जेपी मॉर्गन के डेविड केली का मानना है कि फेड अगले साल सितंबर या अक्टूबर तक बॉन्ड खरीदारी प्रोग्राम खत्म कर सकता है। वहीं बार्कलेज कैपिटल के सिद्धार्थ सान्याल के मुकाबिक भारत ने पहले से ही इस बार क्यूई3 कटौती का सामना करने की तैयारी कर ली है, इसलिए बाजार पर बहुत ज्यादा असर होने की आशंका नहीं है।


एलारा कैपिटल के चेयरमैन और सीईओ राज भट्ट का कहना है कि मौजूदा स्तरों पर क्यूई3 में कमी का असर भारतीय बाजारों पर दिख चुका है। क्यूई3 में कमी से ज्यादा उसकी समयसीमा या शुरुआत का समय ज्यादा अहम है। क्यूई3 में कमी से भारतीय बाजारों में बड़ी कमजोरी की आशंका नहीं है।


राज भट्ट का मानना है कि भारतीय बाजारों में मई के आम चुनावों की वजह से भी पोजीशन बन रही है। अगर मई के आम चुनावों में किसी एक पार्टी को बहुमत मिलने के संकेत आए तो भारतीय बाजारों मं बड़ी तेजी दिख सकती है।


आईसीआईसीआई बैंक के नॉन एक्जिक्यूटिव चेयरमैन के वी कामत ने कहा है कि क्यूई3 में कटौती का भारतीय बाजार पर असर हो चुका है। साथ ही उन्होंने क्यूई3 में कमी को भारतीय बाजार के लिए भी अच्छा बताया है।


वीडियो देखें