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एफटीआईएलः एमसीएक्स से हिस्सा घटाना होगा

एमसीएक्स ने फाइनेंशियल टेक्नोलॉजीज को एक्सचेंज में हिस्सेदारी 26 फीसदी से घटाकर 2 फीसदी करने की सलाह दी है।
अपडेटेड Nov 25, 2021 पर 15:26  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

एमसीएक्स ने फाइनेंशियल टेक्नोलॉजीज को 1 महीने के भीतर एक्सचेंज में अपनी हिस्सेदारी 26 फीसदी से घटाकर 2 फीसदी करने की सलाह दी है। उधर एफटीआईएल के बाद जिग्नेश शाह, जोसेफ मैसी और श्रीकंत जवलगेकर ने बॉम्बे हाई कोर्ट में एफएमसी के ऑर्डर को चुनौती दी है।


एमसीएक्स के बोर्ड ने एफटीआईएल के मीतेन मेहता को एमसीएक्स बोर्ड से हटाने का फैसला लिया है। कल एमसीएक्स-एसएक्स में भी एफटीआईएल की हिस्सेदारी कम करने की चर्चा हुई। 6 जनवरी को एमसीएक्स-एसएक्स पर फैसला होगा।


हालांकि अभी एमसीएक्स के नए सीईओ और एमडी पर फिलहाल कोई फैसला नहीं हुआ है। एफएमसी ने एक्सचेंज चलाने के लिए एफटीआईएल को फिट एंड प्रॉपर नहीं माना है जिसके बाद एमसीएक्स में एफटीआईएल का हिस्सा 26 फीसदी से घटाकर 2 फीसदी करना है।


जिग्नेश शाह ने बाम्बे हाईकोर्ट में एफएमसी के फैसले को चुनौती दी है। जोसेफ मैसी, श्रीकांत जवलगेकर ने भी कोर्ट में एफएमसी के फैसले को चुनौती दी है। जिग्नेश शाह के मुताबिक एफएमसी ने आर्डर जल्दबाजी में बनाया है। जिग्नेश शाह के मुताबिक एनएसईएल मामले में कानूनी नियमों को तोड़ा गया है और उनके मुताबिक वो अब भी निर्दोष हैं।


फाइनेंशियल टेक्नोलॉजीज ने भी कोर्ट में एफएमसी की रिपोर्ट को चुनौती दी है। इस मामले पर एफएमसी को 8 जनवरी को कोर्ट में जवाब देना है।


वहीं एनएसईएल घोटाले में पैसा फंसने से हैरान परेशान निवेशक अब ब्रोकरों पर निशाना साध रहे हैं। अपने बकाए को पाने के विए निवेशकों ने ठोस शब्दों में मुंबई पुसिल को चिट्ठी लिखी है। निवेशकों ने आरोप लगाया है कि ब्रोकरों को पहले से ही एनएसईएल के गोरखधंधे के बारे में जानकारी थी। उसके बावजूद भी उन्होंने इंवेस्टर्स को एनएसईएल के प्रोडक्ट बेचे।