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योर मनी: वित्तीय लक्ष्यों का सही आकलन करें

प्रकाशित Sat, 22, 2014 पर 09:41  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

ऑप्टिमा मनी मैनेजर्स के पंकज मठपाल बता रहे हैं कैसे करें फाइनेंशियल प्लानिंग ताकि भविष्य के वित्तीय जरूरतों को आसानी से पूरा किया जा सके।


सवाल: मेरी उम्र 29 साल है और मासिक आय 29,000 रुपये है। मेरे पास इंश्योरेंस पॉलिसी है जिसका कवर 1.5 लाख रुपये है। सेविंग अकाउंट में 1 लाख रुपये हैं। इसके अलावा शेयर बाजार में 10,000 रुपये का निवेश किया है। एक साल बाद स्वयं की शादी के लिए करीब 25 लाख रुपयों की जरूरत है। इसके अलावा आगे चलकर रिटायरमेंट के लिए 3-4 करोड़ रुपये चाहिए, क्या लक्ष्य हासिल हो पाएगा?


जवाब: सबसे पहले आपको एक इमरजेंसी फंड बनाने की जरूरत है। सेविंग अकाउंट के 1 लाख रुपयों को इमरजेंस फंड मान सकते हैं। लेकिन उन पैसों को कहीं और निवेश करें जहां ज्यादा रिटर्न मिल सके। वहीं आपको इंडीविजुअल हेल्थ पॉलिसी भी लेने की जरूरत है। इसके अवाला इंश्योरेंस पॉलिसी में 1.5 लाख रुपये का कवर काफी कम है, इसे बढ़ाने की जरूरत है। बेहतर होगा कोई ऑनलाइन टर्म प्लान लें। आपके मौजूदा निवेश को देखते हुए शादी और रिटायरमेंट के लक्ष्यों में वास्तविकता का अभाव है। क्योंकि आपकी मौजूदा आय और निवेश से ये मुमकिन नहीं है।


सवाल: मैं 6,000 रुपये प्रति महीने की एसआईपी 6 म्यूचुअल फंड में कर रहा हूं। 25 साल बाद रिटायरमेंट के लिए 1 करोड़ रुपये चाहिए। क्या मौजूदा निवेश से लक्ष्य हासिल हो पाएगा?


जवाब: 25 साल बाद रिटायरमेंट के लिए 1 करोड़ रुपये काफी कम है। अपने लक्ष्यों में महंगाई दर का आकलन हमेशा करना चाहिए। 25 साल बाद रिटायरमेंट के लिए आपको करीब 3-4 करोड़ रुपयों की जरूरत होगी। वहीं मौजूदा निवेश में 12 फीसदी के रिटर्न के हिसाब से 25 साल में 1 करोड़ रुपये जुटाए जा सकते हैं। किंतु रिटायरमेंट के लिए ये पर्याप्त नहीं।


सवाल: मेरी उम्र 48 साल और मैं एक सरकारी कर्मचारी हूं, मासिक आय 32,000 रुपये है। साथ ही मै एयरफोर्स से रिटायर हुआ हूं तो वहां से 11,000 रुपये की पेंशन भी मिलती है। एफडी में 5 लाख  रुपये, जबकि पीपीएफ में 1.5 लाख रुपये हैं। 3-4 साल बाद घर बनाने के लिए 25 लाख रुपये चाहिए, कैसे करूं प्लानिंग?


जवाब: 3-4 साल बाद घर के लिए 25 लाख रुपये के लिए एफडी और पीपीएफ के पैसों का इस्तेमाल कर सकते हैं। बाकी पैसों के लिए लोन ले सकते हैं। लेकिन ध्यान रहे लोन उतना ही लें जितना आप भर पाएं। वहीं छोटी अवधि के लक्ष्यों के लिए इक्विटी के बजाय डेट फंड में पैसे लगाना ज्यादा फायदेमंद होता है।


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