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योर मनी: बाजार की तेजी और पोर्टफोलियो

शेयर बाजार की इस तेजी में निवेशकों को क्या अपने पोर्टफोलियो में अहम बदलाव करने की जरूरत है।
अपडेटेड Mar 29, 2014 पर 11:43  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

मौजूदा समय में भारतीय बाजार शानदार तेजी दिखा रहे हैं। पिछले कुछ कारोबारी सत्रों से बाजार लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं। लेकिन सवाल यहां ये उठता है कि बाजार की इस तेजी का निवेशकों को किस तरह फायदा उठाना चाहिए। क्या अपने अपने पोर्टफोलियो में अहम बदलाव करने चाहिए, या इक्विटी में एक्सपोजर बढ़ा देना चाहिए।


रूंगटा  सिक्योरिटीज के हर्षवर्धन रूंगटा का कहना है कि मौजूदा बाजार में शानदार तेजी देखी जा रही है। इसमें कोई दो राय नहीं है लेकिन बाजार कि तेजी कब तक जारी रहेगी इसका अंदाजा लगा पाना कठिन है। ऐसे में निवेशकों को नजरिया यदि लंबी अवधि का है तो उन्हें अपने पोर्टफोलियो में कोई बदलाव नहीं करना चाहिए। रिटायरमेंट, शादी जैसे लक्ष्य हैं तो उन्हें यथावत जारी रहने दें। बाजार की तेजी की लालच में आकर इन लक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ करना उचित नहीं होगा।


हालांकि बाजार की इस तेजी का इस्तेमाल किया जा सकता है। निवेशकों के लिए ये बेहतर मौका है जब निवेशक अपने पोर्टफोलियो को सही तरीके से नियंत्रत कर सकते हैं। एसेट एलोकेशन के रेश्यो में सुधार कर सकते हैं, या फिर खराब फंड से निकलने का अच्छा मौका है। निवेशक संतोषजनक रिटर्न नहीं देने वाले फंड से निकलकर अपने पोर्टफोलियो में अच्छे फंड शामिल कर सकते हैं। लेकिन यहां यह ध्यान रखना चाहिए की बाजार की बढ़त को देखकर आनन-फानन में इक्विटी में बहुत ज्याजा एक्सपोजर ना करें।


हर्षवर्धन रूंगटा के अनुसार लंबी अवधि के ऐसे निवेशक जो अपने लक्ष्य के करीब पहुंचने वाले हैं उन्हें इक्विटी से निकलकर डेट फंड में निवेश कर देना चाहिए। क्योंकि छोटी अवधि के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए डेट में निवेश एक बेहतर विकल्प है। वहीं इक्विटी में निवेश लंबी अवधि के लिए अच्छा माना जाता है, किंतु इसमें जोखिम का स्तर भी ज्यादा होता है। इसलिए यदि निवेशक अपने वित्तीय लक्ष्य के पास पहुंच रहे हैं तो उन्हें इक्विटी से निकलकर डेट फंड में स्विच करना चाहिए। बाजार की ये तेजी उनके इस फैसले दिल खोलकर स्वागत करेगी।


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