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योर मनी: प्रेग्नेंसी के दौरान फाइनेंशियल प्लानिंग

हर्ष रूंगटा बता रहे हैं नौकरीपेशा महिलाओं के प्रेग्नेंसी के दौरान कैसे करना चाहिए फाइनेंशियल प्लानिंग।
अपडेटेड Apr 30, 2014 पर 09:44  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

अक्सर ऐसा देखा गया है कि महिलाएं प्रेग्नेंसी के दौरान नौकरी से ब्रेक लेती हैं तो उनके घर का बजट बिगड़ जाता है। प्रेग्नेंसी के दौरान महिलायों को नौकरी से छुट्टी लेकर सब-आर्किटल पर रहती हैं। ऐसे में पति पर घर के खर्चों का बोझ बढ़ जाता है। महिलाओं को ऐसी स्थिति में कैसे करना चाहिए प्लानिंग ताकि घर के खर्चों को सुचारू रूप से चलाया जा सकते।


अपनापैसा डॉट कॉम के सीईओ हर्ष रूंगटा का कहना है कि ऐसी स्थिति में महिलाओं को अपनी फाइनेंशियल प्लानिंग का आकलन करना चाहिए। यहां यह देखना होगा की कितने दिन का सब-आर्टिकल है। वहीं आपकी आमदनी रुकने से घर के खर्चों पर कितना असर पड़ेगा। उसके मुताबिक ही प्लानिंग करना चाहिए। सबसे पहले प्रेग्नेंसी से जुड़े खर्चों को कवर करने के लिए एक हेल्थ पॉलिसी लेना चाहिए।


वहीं प्रेग्नेंसी के लिए अलग से फंड बनाना जरूरी है। अतिरिक्त आय, बोनस और शादी में मिले पैसों को प्रेग्नेंसी फंड में शामिल किया जा सकता है।


यहां यह ध्यान रखना होगा कि यहां से जो प्लानिंग करना है वह ज्यादा लंबे समय के लिए नहीं है। क्योंकि कुछ महीनों के बाद आप दोबारा अपनी नौकरी पर जाएंगी। ऐसे में प्लानिंग के लिए ऐसे विकल्पों को चुनें जहां जोखिम की मात्रा कम हो। बात की जाए बच्चे की तो बच्चे के जन्म के पहले दिन से ही बच्चे को कवर करने वाला फैमिली फ्लोटर प्लान लें। वहीं आपका निवेश लक्ष्य लंबी अवधि का नहीं है तो इक्विटी फंड के बजाय हाइब्रिड और डेट फंड में निवेश करें।


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