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योर मनी: कैसे करें रिटायरमेंट प्लानिंग

प्रकाशित Sat, 03, 2014 पर 14:48  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

सारी जिंदगी बच्चों की जिम्मेदारियां पूरी करने के बाद, रिटारमेंट का समय, आपका अपना होता है। जब आप जिंदगी की सभी भागदौड से दूर, सूकून से जीना चाहते हैं। इसके लिए जरूरी है सही फाइनेंशियल प्लानिंग ताकि रिटायरमेंट के समय आप किसी पर निर्भर ना रहें और जिंदगी बिना किसी समझौते और एडजस्टमेंट के जिएं। तो आइए जानते हैं आनंदराठी फाइनेंशियल सर्विसेस के डायरेक्टर और हेड ऑफ इंवेस्टमेंट प्रोडक्ट्स फिरोज अजीज से कैसे करें रिटारयमेंट प्लानिंग।


आनंदराठी फाइनेंशियल सर्विसेस के डायरेक्टर और हेड ऑफ इंवेस्टमेंट प्रोडक्ट्स फिरोज अजीज का कहना है कि जीवन में हर तरह की प्लानिंग करते समय रिटायरमेंट प्लानिंग को भी एकसमान प्राथमिकता देना जरूरी है। जल्द से जल्द रिटायरमेंट प्लानिंग शुरू करने से आपको कंपाउंडिंग का फायदा मिलता है। रिटायरमेंट का लक्ष्य तय करते समय आपको महंगाई दर भी उसमें जोड़ना चाहिए। साथ ही पर्याप्त हेल्थ कवर और लाइफ कवर भी जल्द से जल्द लेना चाहिए।

पूरे परिवार की कवरेज के लिए फैमिली फ्लोटर हेल्थ प्लान ले सकते हैं। लाइफ कवर के लिए टर्म इंश्योरेंस सबसे अच्छा विकल्प है। आप लंबी अवधि के लिए इक्विटी म्युचुअल फंड में एसआईपी के जरिए पैसे लगा सकते हैं। लक्ष्य के करीब जाते ही डेट फंड में भी निवेश बढ़ाना चाहिए। इसके अलावा पीपीएफ में भी आपको जरूर निवेश करना चाहिए और हर 6 महीने में पोर्टफोलियो की समीक्षा करनी चाहिए।


एनपीएस, ईपीएफ, इक्विटी म्युचुअल फंड, टैक्स फ्री बॉन्ड या गोल्ड ईटीएफ निवेश के अच्छे विकल्प है। ईपीएफ, एनपीएस ये दोनों रिटायरमेंट सेविंग्स स्कीम हैं। इस स्कीम में ईपीएफ कटाना जरूरी है और एनपीएस कटाना आपकी इच्छा पर निर्भर होता है। बिना सैलरी पाने वाले भी एनपीएस का फायदा उठा सकते हैं और नौकरी मिलते ही ईपीएफ कटना शुरू हो जाता है। एनपीएस कटवाने के लिए कंपनी को बताना जरूरी होता है। ईपीएफ में निवेश पर कोई खर्च नहीं होता, एनपीएस में फंड मैनेजमेंट फीस का खर्च करना पड़ता है।


एनपीएस में अब दायरा बढ़ा है और इसमें कम से कम 10 साल नौकरी में रहने की जरूरत है। 58 साल की उम्र के बाद इसमें पेंशन मिलना शुरू होती है और कर्मचारी की मृत्यु के बाद परिवार को पेंशन मिलती है। इसमें 80 सी के तहत टैक्स छूट और 8.5 फीसदी रिटर्न का फायदा मिलता है।


न्यू पेंशन स्कीम में 80सी के बाहर 10 फीसदी टैक्स बचत होती है और 6 अलग-अलग फंड में निवेश की सुविधा मिलती है। इसमें फंड बदलने पर कोई टैक्स नहीं कटता और साथ ही निवेश की कोई ऊपरी सीमा नहीं है। इस स्कीम में सालाना न्यूनतम निवेश 6,000 रुपये कर सकते हैं। न्यू पेंशन स्कीम में 18 से 55 साल उम्र के लोग निवेश कर सकते हैं। एनपीएस - न्यू पेंशन स्कीम में टियर 1 और टियर 2 जैसे दो विकल्प मौजूद हैं। टियर 1 अकाउंट में आप मैच्योरिटी से पहले पैसा नहीं निकाल सकते हैं। वहीं टियर 2 अकाउंट में आप मैच्योरिटी से पहले पैसा निकाल सकते हैं।


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