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बजट 2019: रियल एस्टेट सेक्टर को कितना आया पसंद

रियल एस्टेट के अच्छे दिन आने वाले हैं। बजट में जो घोषणाएं हुई हैं वो कुछ इस तरफ ही इशारा कर रहे हैं।
अपडेटेड Feb 02, 2019 पर 15:13  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

रियल एस्टेट के अच्छे दिन आने वाले हैं। बजट में जो घोषणाएं हुई हैं वो कुछ इस तरफ ही इशारा कर रहे हैं। वित्त मंत्री गोयल के पिटारे से घर खरीदारों और बिल्डरों दोनों के लिए ही सौगातें आईं इसलिए सीएनबीसी-आवाज कह रहा हैं कि रियल एस्टेट के अच्छे दिन आने वाले हैं। इस चर्चा करने के लिए सीएनबीसी-आवाज के साथ मौजूद हैं हीरानंदानी ग्रुप के सीएमडी निरंजन हिरानंदानी और NAREDCO के नेशनल प्रेसिडेंट निरंजन हीरानंदानी, एटीएस इंफ्रास्ट्रक्चर के सीएमडी और क्रेडाई के चेयरमैन गीतांबर आनंद और साथ ही अनारॉक प्रॉपर्टी कंसलटेंट्स के चेयरमैन अनुज पुरी।


बता दें कि बजट में रियल एस्टेट सेक्टर को सरकार ने बड़ा बूस्टर डोज दिया है। अफोर्डेबल हाउसिंग को बढ़ावा देने के लिए बिल्डरों और घर खरीदारों दोनों का राहत मिली है। बिल्डरों के लिए सस्ते घरों के लिए इनकम टैक्स छूट 1 साल के लिए बढ़ी है। 80 (आईबीए) की सीमा मार्च 2020 तक बढ़ाई गई है। बिना बिके घरों पर बिल्डरों को 2 साल तक नोशनल टैक्स नहीं देना होगा।


इधऱ घर खरीदारों को 1 घर बेचकर 2 लेने पर कैपिटल गेन्स टैक्स नहीं लगेगा। हालांकि घर की अधिकतम कीमत 2 करोड़ से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। घर पर मिलनेवाली ये छूट जीवन में एक ही बार मिलेगी और दूसरे घर के नोशनल रेंट पर टैक्स नहीं देना होगा। सालाना 2.40 लाख तक हाउस रेंट पर टीडीएस नहीं देना होगा।


मध्यमवर्ग को आयकर में बड़ी राहत देते हुए इनकम टैक्स लिमिट बढ़ाने का एलान किया है, जिसके तहत अब आयकर छूट सीमा 2.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी गई है। कई और छूटों को मिलाकर इनकम टैक्स छूट 6.5 लाख तक होगी यानि अब 6.5 लाख रुपये तक की आय पर कोई टैक्स नहीं देना होगा। इसके अलावा अब तक मिलने वाले 40000 रुपये के स्टैंडर्ड डिडक्शन को बढ़ाकर 50,000 रुपये कर दिया गया है। यहीं नहीं 40000 रुपये तक की ब्याज आय पर अब आपको कोई टीडीएस नहीं देना होगा। इसके साथ सेक्शन 80सी के तहत 1.5 लाख रुपये पर छूट बरकरार है। 80सी के छूट विकल्प में 6.5 लाख तक की आय टैक्स फ्री होगी।