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Budget 2020: NRI की विदेशी कमाई पर टैक्स नहीं, लेकिन कुछ सवाल अभी बाकी हैं

UAE और बहरीन जैसे देशों में इनकम टैक्स नहीं लगता है। लेकिन अब वहां रहने वाले लोगों की भारत में कोई कमाई होगी तो उन्हें यहां इनकम टैक्स देना होगा
अपडेटेड Feb 04, 2020 पर 13:57  |  स्रोत : Moneycontrol.com

फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने इस साल बजट में जब NRI पर टैक्स लगाने का ऐलान किया तो देश से बाहर रहने वाले लोगों में यह डर फैल गया कि उन्हें अपनी विदेशी कमाई पर भारत में इनकम टैक्स देना होगा। हालांकि ऐसा नहीं है। इस मामले में सफाई देते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत के रेजिडेंट अगर ऐसे देशों में रह रहे हैं जहां इनकम टैक्स नहीं लगता तो उन्हें अपनी भारत में हुई कमाई पर टैक्स देना होगा। NRI की विदेश की कमाई पर भारत में कोई टैक्स नहीं देना होगा।  


UAE और बहरीन जैसे देशों में इनकम टैक्स नहीं लगता है। लेकिन अब वहां रहने वाले लोगों की भारत में कोई कमाई होगी तो उन्हें यहां इनकम टैक्स देना होगा।


फाइनेंस बिल, 2020 के एक प्रावधान के मुताबिक, कोई भी भारतीय जो किसी दूसरे देश में टैक्स नहीं देते हैं उन्हें भारत का रेजिडेंट माना जाएगा। इस एक लाइन से उन NRI की चिंता बढ़ गई जो दूसरे देश में रहते हुए पर्सनल टैक्स नहीं चुकाते हैं। उनमें यह डैर फैला कि अब उनकी ग्लोबल कमाई पर इंडिया में पर्सनल टैक्स देना होगा। NRI की इनकम पर 30 फीसदी टैक्स के साथ सेस और सरचार्ज लगता है जिससे उनकी कमाई घट जाती है।


हालांकि इस पर चार्टर्ड अकाउंटेंट अभिषेक अनेजा का कहना है, "विदेश में रह रहे भारतीय रेजिडेंट को लेकर फाइनेंस मिनिस्टर ने जो स्पष्टीकरण दिया है वह सराहनीय कदम है।लेकिन एक मुद्दा है जिसको लेकर अभी कुछ साफ नहीं हैं। सवाल यह है कि ये भारतीय रेजिडेंट हैं लिहाजा इन्हें भारत में इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करना होगा। NRI के लिए जब तक खास छूट का ऐलान नहीं किया जाता तब तक उन्हें रिटर्न फाइल करते हुए अपने फॉरेन एसेट्स की जानकारी देनी होगी।" अनेजा के मुताबिक, इस मामले में अभी और स्पष्टता की जरूरत है।


इस साल बजट में फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने रेजिडेंसी से जुड़े प्रोविजन भी सख्त कर दिए हैं। पहले जहां भारत से बाहर 182 दिन या इससे ज्यादा रहने पर NRI माना जाता था। अब उसे घटाकर 120 दिन कर दिया गया है। यानी अब कोई शख्स नौकरी या बिजनेस की वजह से 120 दिन बाहर रहता है तो उसे भी NRI माना जाएगा।


इसके साथ ही बजट में नॉन ऑर्डिनरी रेजिडेंट के परिभाषा में भी बदलाव किया गया है। रेवेन्यू सेक्रेटरी अजय भूषण पांडे ने बताया कि अभी तक जो लोग 10 साल में से 9 साल देश के बाहर रहते थे उन्हें NRI माना जाता था। अब इसे घटाकर 7 साल कर दिया गया है। यानी कोई भारतीय नागरिक 10 में से 7 साल देश के बाहर रहता है तो उसे NRI मान लिया जाएगा।


प्रतिमा शर्मा-एसोसिएट एडिटर, मनीकंट्रोल


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