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जेटली के बजट ऐलानों से व्यापारी नाखुश

व्यापारियों का कहना है की इससे डिजिटल इंडिया को बढ़ावा मिलने में मुश्किल होगी।
अपडेटेड Feb 06, 2017 पर 11:13  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

बजट में सरकार ने 3 लाख से ज्यादा नकद लेन देन पर रोक लगा दी है। अगर कोई ऐसा करता पाया गया तो उस पर 100 फीसदी जुर्माना लगेगा। सरकार ने नियम तो बना दिया लेकिन इसे लागू करना कितना आसान होगा। ये लागू हुआ तो इससे ऐसे कारोबार पर क्या असर पड़ेगा जो ज्यादातर कैश में ही चलते हैं। इन्ही सवालों को लेकर सीएनबीसी-आवाज़ ने देश के कारोबारियों से बात की तो आइए जानते हैं, क्या कहते कारोबारी।


कारोबारियों का कहना है कि 3 लाख रुपये कैश लिमिट का छोटे कारोबारियों पर जरुर असर पड़ सकता है। अब व्यापारी व्यापार करें या सरकारी नियमों का हिसाब करें। सरकार का एलान सही है लेकिन इसका अमल करना थोड़ा मुश्किल होगा। डिजिटल लेनदेन को बढ़ावे के साथ ट्रांजैक्शन चार्ज हटाना जरूरी है। डिजिटल लेनदेन से हर कोई वाकिफ नहीं, लिहाजा जागरुकता जरूरी है। डिजिटल से जोड़ने के लिए कमियां दूर करना भी जरूरी है।


डिजिटल ट्रैंजेक्शन पर लगने वाले चार्ज को मोदी सरकार इस बजेट में ख़त्म करेगी ऐसी उम्मीद व्यापारी से लेकर ग्राहक दोनों को थी लेकिन सरकार ने इस पर अपनी नीति साफ़ ना करने से व्यापारी ख़ुद को ठगा सा महसूस कर रहा है। व्यापारियों का कहना है की इससे डिजिटल इंडिया को बढ़ावा मिलने में मुश्किल होगी। अगर सरकार ने स्वाइप चार्ज रद्द किये रहते तो एक ड्रैस्टिक बदलाव साफ़ लेस कैश ट्रैंज़ैक्शन में दिख सकता है लेकिन फ़िलहाल तो ये दूर की कौड़ी लग रहा है।