Moneycontrol » समाचार » बजट प्रतिक्रियाएं

गरीबों का रखा ध्यान, अमीरों पर टैक्स की लगाम

गांवों, ग्रामीण इलाकों को ध्यान में रखकर, छोटे टैक्सपेयर्स को ध्यान में रखकर इस बजट को लाया गया है।
अपडेटेड Feb 29, 2016 पर 15:42  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

हेमंत घई
एसोसिएट एडीटर


बाजार को जैसा अंदेशा था ठीक वैसा ही बजट वित्त मंत्री अरुण जेटली ने पेश किया है। गांवों, ग्रामीण इलाकों को ध्यान में रखकर, छोटे टैक्सपेयर्स को ध्यान में रखकर इस बजट को लाया गया है। टैक्स के लिहाज से अमीरों पर ज्यादा करों का बोझ डाला गया है और गरीबों, किसानों को टैक्स, कर्ज से राहत देने की कोशिश सरकार ने की है।


हालांकि रिच और अमीरों पर अलग अलग तरह के टैक्स लगाकर सरकार ने अपनी वित्तीय घाटे का 3.5 फीसदी का लक्ष्य हासिल करने में सफलता प्राप्त करने की आशा रखी है। कई तरह के टैक्स लगाए गए हैं जैसे डीजल कारों पर 2.5 फीसदी टैक्स, गैसोलीन कारों, सीएनजी कारों पर 1 फीसदी सेस इन सब से सरकार ने अपना खजाना भरने और वित्तीय घाटे को काबू में रखने की पहल दिखाई है। इसके अलावा 10 लाख रुपये सालाना से ज्यादा के डिविडेंड पर डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स लगाकर बड़े निवेशकों की जेब भी हल्की करने की बात की है। वहीं ऑप्शंस पर सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स लगाकर शेयर बाजार के निवेशकों के लिए भी टैक्स का बड़ा दायरा खोल दिया है।


हालांकि वित्त मंत्री ने बाजार को खुश करने के लिए एक कदम तो उठाया है जैसे सरकार की वित्त वर्ष 2017 के लिए 4.25 लाख करोड़ रुपये का कर्ज लेने की योजना है जिससे बॉन्ड यील्ड घटेगी। बॉन्ड यील्ड घटेगी तो आरबीआई के पास दरों में कटौती करने का अवसर रहेगा और इसी खबर के आधार पर आज बाजार में बजट के बाद रिकवरी भी देखी गई। आरबीआई के दरों में कटौती करने की उम्मीद से बाजार चढ़ेगा तो शेयर बाजार के निवेशकों के साथ कर्ज लेने वाले कर्जदारों के पास भी खुश होने का मौका देने का काम तो सरकार ने कर ही दिया है।