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1 फरवरी को वित्त मंत्री पेश करेंगी बजट, जानिये कमोडिटी मार्केट को बजट से हैं कितनी उम्मीदें

देश के GDP में एग्रीकल्चर की 17 प्रतिशत हिस्सेदारी है
अपडेटेड Jan 26, 2020 पर 08:50  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

कमोडिटी बाजार की बजट से क्या उम्मीदें हैं। पहला कमोडिटीज के ट्रांजैक्शन टैक्स में कमी लाया जाए, दूसरा लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स खत्म किया जाए। कमोडिटी बाजार को Liberalized Remittance Scheme में राहत मिले। इसके अलावा भी बहुत कुछ। मसलन मेक इन इंडिया की तर्ज पर ट्रेड इन इंडिया को बढ़ावा मिले।


APMC एक्ट में सुधार कर एक देश एक मंडी लाइसेंस बनाया जाए। एग्रीकल्चर सेक्टर के लिए बजट में और ज्यादा आवंटन किया जाए। गोल्ड पर इंपोर्ट ड्यूटी और GST में राहत मिले। दरअसल कमोडिटी बाजार का दायरा बहुत बड़ा है। इसलिए पांच ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने में कमोडिटी बाजार का रोल भी काफी अहम हो जाता है।


एग्री सेक्टर की विश लिस्ट


- देश के GDP में एग्रीकल्चर की 17 प्रतिशत हिस्सेदारी है


- मिट्टी की जांच, सिंचाई के लिए प्रावधान होना चाहिए


- मौसम अनुमान सटीक बनाने पर कदम उठाए जाएं


- IMD के टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन के लिए प्रावधान होनी चाहिए


- फर्टिलाइजर, बीज सप्लाई की बेहतर व्यवस्था होनी चाहिए


- देश की मंडी व्यवस्था में रिफॉर्म की डिमांड की जा रही है


- eNAM को और प्रभावी बनाया जाने की मांग हो रही है


- eNAM से अब तक देश की 585 मंडियां जुड़ी हैं


- कृषि एक्सपोर्ट को बढ़ावा के लिए रियायतें दी जाएं


बकुल ढोलकिया की राय


- कृषि सेक्टर का ग्रोथ रेट लगातार घटा है


- ग्रोथ गिरने के कारणों का पता लगाना जरूरी है


- डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क पर फोकस बढ़ाना होगा


- किसान और कंज्यूमर के बीच प्राइस गैप बढ़ा है


- एग्रीकल्चर सेक्टर में निवेश बढ़ाने की जरूरत है


- एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम करना होगा


- अनाज, फल-सब्जियों की बर्बादी रोकनी होगी


- कर्ज माफी से ज्यादा जरूरी परेशानियों को दूर करना


- एग्रीकल्चर क्रेडिट समस्या खत्म करनी होगी


- किसानों की आमदनी बढ़ाने पर फोकस बढ़े


- खर्च बढ़ाने के बावजूद किसानों की आय कम है


- एग्री कमोडिटी मार्केट का इंडेक्सेशन जरूरी



कमोडिटी मार्केट की विश लिस्ट


- कमोडिटी मार्केट के लिए पूरा साल चुनौती भरा रहा


- कमोडिटीज के ट्रांजैक्शन टैक्स घटाने की डिमांड रही


- लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स खत्म करने की मांग रही


- डिविडेंड डिस्ट्रिब्यूशन टैक्स को कम किया जाए


- कमोडिटी वायदा पर टैक्स तर्कसंगत बनाया जाए


- Liberalized Remittance Scheme में राहत की डिमांड की जा रही है


- Partnership Firms को टैक्स में राहत देने की मांग की जा रही है


अभिषेक बंसल की राय


- प्राइस टेकर नहीं प्राइस मेकर बनना होगा


- कमोडिटी ट्रांजैक्शन टैक्स घटाने की डिमांड करनी चाहिए


- eNAM को और प्रभावी बनाया जाने की मांग करनी चाहिए


- APMC एक्ट में सुधार करने की जरूरत है


- NCDEX स्पॉट एक्सचेंज को मजबूत बनाना होगा


- NCDEX को फ्यूचर से लिंक करने की मांग करनी चाहिए


- स्पॉट और फ्यूचर में तालमेल बनाना जरूरी है


- देश में वेयरहाउस की अच्छी व्यवस्था की जानी चाहिे


- कमोडिटी ट्रांजैक्शन टैक्स घटाने की डिमांड की जानी चाहिए


- कमोडिटी मार्केट को बढ़ावा के लिए CTT घटाना जरूरी है


- गोल्ड पर इसबार ड्यूटी घटने की उम्मीद कम है


ज्वेलरी सेक्टर की विश लिस्ट


- गोल्ड पर इंपोर्ट ड्यूटी और GST घटाने की डिमांड की जा रही है


- सोने पर ड्यूटी 12.5 प्रतिशत से घटाकर 4 प्रतिशत की जाए


- डायमंड पर ड्यूटी 7.5 प्रतिशत से घटाकर 2.5 प्रतिशत की मांग की जा रही है


- कुल ज्वेलरी डिमांड में डायमंड की 20 प्रतिशत हिस्सेदारी है


- दुनिया का करीब 90 प्रतिशत डायमंड भारत में प्रोसेस होता है


- NRI के ज्वेलरी खरीदने पर GST रिफंड मिले


- बुलियन सेक्टर के लिए स्पेशल इकोनॉमिक जोन बने


कोलिन शाह की राय


- गोल्ड, डायमंड के लिए लॉन्ग टर्म पॉलिसी बननी चाहिए


- डायमंड पर ड्यूटी घटाकर 2.5 प्रतिशत की डिमांड करनी चाहिए


- गोल्ड पर इंपोर्ट ड्यूटी घटाकर 4 प्रतिशत करने की मांग की जानी चाहिए


- GST इनपुट क्रेडिट की दिक्कत खत्म होनी चाहिए


- टूरिस्ट के लिए ज्वेलरी खरीद पर GST रिफंड मिलना चाहिए


- अलग से स्पेशल इकोनॉमिक जोन बनाने की मांग की जानी चाहिए


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