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टैक्स कलेक्शन ऐसा हो कि वित्तीय घाटा काबू में रहेः नीलेश शाह

टैक्स कलेक्शन ऐसा हो कि वित्तीय घाटा काबू में रहे और दिक्कन भी न हो।
अपडेटेड Jun 17, 2019 पर 11:48  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

बजट आने में 3 हफ्ते से भी कम वक्त रह गया है और आवाज़ पर हम रोजाना आपके सामने कॉरपोरेट इंडिया, इंडस्ट्री, मार्केट और आम आदमी की बजट मांगें रख रहे हैं। इसी कड़ी में आज सीएनबीसी-आवाज़ के साथ जुड़ रहे हैं एक खास मेहमान, Kotak Mahindra AMC के MD & CEO नीलेश शाह।


बजट से अपनी उम्मीदों पर बात करते हुए नीलेश शाह ने कहा कि सरकार के इस प्रकार जनता से टैक्स लेना चाहिए जिस प्रकार मधुमख्खी फूलों से शहद इकट्ठा करती है मतलब टैक्स जनता को चुभना नहीं चाहिए। टैक्स कलेक्शन ऐसा हो कि वित्तीय घाटा काबू में रहे और दिक्कन भी न हो। इसके अलावा सरकार को आमदनी बढ़ाने के लिए डिइनवेस्टमेंट पर फोकस करना चाहिए।


शाह ने आगे कहा कि सरकार को स्ट्रैटजिक डिइनवेस्टमेंट से पैसे जुटाने होंगे ताकि घाटा काबू में रहे। साथ सरकार द्वारा ऐसे कदम उठाये जाएं ताकि ब्याज दरें घटें और बाजार का भरोसा भी बना रहे। नीलेश शाह का कहना है कि एक जैसी चीजों का टैक्स ट्रीटमेंट भी एक जैसा होना चाहिए। बाजार भी उम्मीद लगाये बैठा है कि क्रूड के भाव काबू में रहेंगे। अच्छे कारोबार के लिए बाजार भी अच्छे मॉनसून की आस लगाये बैठा है।


बाजार के रुख के बारे में नीलेश ने कहा कि क्रूड और मॉनसून उम्मीद से खराब रहने पर बाजार गिरेगा। इसके अलावा बाजार कॉर्पोरेट अर्निंग ग्रोथ में सुधार की भी उम्मीद कर रहा है। कॉर्पोरेट अर्निंग नहीं सुधारी गई तो बाजार निराश होगा। वहीं आरबीआई के कदमों से नकदी की स्थिति सुधरी है। हालांकि कुछ एनबीएफसी में कॉर्पोरेट गवर्नेंस की दिक्कत है। उन्होंने कहा कि एनबीएफसी की दिक्कत का असली कारण रियल इस्टेट में एक्सपोजर है।