बजट 2019: टैक्सपेयर्स को मिली बड़ी सौगात

वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कई बड़े एलान किए।
अपडेटेड Feb 01, 2019 पर 11:32  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कई बड़े एलान किए। वित्त मंत्री ने मध्यमवर्ग को आयकर में बड़ी राहत देते हुए इनकम टैक्स लिमिट बढ़ाने का एलान किया है, जिसके तहत अब आयकर छूट सीमा 2.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी गई है। कई और छूटों को मिलाकर इनकम टैक्स छूट 6.5 लाख तक होगी यानि अब 6.5 लाख रुपये तक की आय पर कोई टैक्स नहीं देना होगा। इसके अलावा अब तक मिलने वाले 40000 रुपये के स्टैंडर्ड डिडक्शन को बढ़ाकर 50,000 रुपये कर दिया गया है। यहीं नहीं 40000 रुपये तक की ब्याज आय पर अब आपको कोई टीडीएस नहीं देना होगा। इसके साथ ही सालाना 2.40 लाख रुपये तक के हाउस रेंट (किराए पर) टीडीएस नहीं देना होगा। हालांकि टैक्स दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।


कैपिटल गेन टैक्स नियमों में भी बड़े बदलाव किए गए हैं। अब 1 घर बेचकर 2 घर लेने पर कैपिटल गेन नहीं देना होगा। वित्त मंत्री ने बजट 2019 में बिल्डरों को भी बड़ी राहत दी है। सस्ते घर के लिए इनकम टैक्स छूट 1 साल के लिए बढ़ा दी गई है। इसके अलावा अनसोल्ड इन्वेट्री पर बिल्डर को 2 साल की टैक्स छूट मिलेगी।


 वित्त वर्ष 2019 में मनरेगा के लिए 60,000 करोड़ रुपये आबंटित किए गए है। वित्त मंत्री ने ये भी कहा है कि अगर जरुरत पड़ी तो मनरेगा को और रकम आबंटित की जायेगी। उन्होंने आगे कहा कि सस्ते अनाज के लिए 1.70 लाख करोड़ रुपये और पीएम सड़क योजना के लिए 90 हजार करोड़ रुपये का आबंटन किया गया है।


अब तक सरकार ने पीएम आवास योजना के तहत 1.53 घर बनाएं है। साल 2014 तक देश के 2.5 करोड़ घर बिना बिजली के थे। देश में 143 करोड़ एलईडी बांटे गए है। अब तक 10 लाख लोगों ने आयुष्यमान योजना का फायदा लिया है।


वित्त मंत्री ने एलान किया कि देश का 22वां एम्स हरियाणा में बनाय़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि सबको बिजली कनेक्शन देना का लक्ष्य है।


वित्त मंत्री ने किसानों के लिए कई अहम एलान किए है। किसानों को 6000 की सालाना डायरेक्ट इनकम की घोषणा करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि इस योजना का फायदा 2 हेक्टेयर जमीनवाले किसानों को मिलेगा। इस योजना से देश के 12 करोड़ किसानो को फायदा होगा। बजट में किसान सम्मान निधि योजना के लिए 75000 करोड़ रुपये का आबंटन किया गया है। पशु-पालन के लिए किसानों को किसान क्रेडिट पर 2 फीसदी ब्याज छूट मिलेगी। इसके लिए आपादा नुकसान पर 5 फीसदी ब्याज छूट मिलेगी। किसी मजदूर की अचानक मौत पर 6 लाख रुपये के मुआवजे का भी प्रावधान किया गया है।


वित्त मंत्री ने श्रमिकों के लिए श्रमयोगी मानधन योजना का एलान किया है। इस योजना के लिए 500 करोड़ रुपये का आबंटन किया गया है। श्रमयोगी मानधन से 10 करोड़ लोगों को फायदा होगा। योजना में शामिल लोगों को 100 रुपये हर महीने देना होगा। श्रमयोगी मानधन में 15000 रुपये महीने तक की आय वाले लोग शामिल हो सकेंगे।


इसके अलावा वित्त मंत्री ने मेगा पेंशन स्कीम के लिए 500 करोड़ रुपये आबंटित करने का एलान किया है। जिसके तहत 60 वर्ष बाद रिटायर होने पर 3000 रुपये महीने पेंशन मिलेगी।


इस बजट में 3 लाख करोड़ रुपये के रक्षा बजट का प्रावधान किया गया है। एयरफोर्स और नेवी के लिए विशेष भर्ते की भी घोषणा की गई है।


वित्त मंत्री ने एसएमई सेक्टर के लिए अहम एलान करते हुए कहा कि एसएमई के लिए ब्याज में 2 फीसदी छूट की घोषणा की है।


वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा कि देश में कोई भी रेलवे कॉशिंग मानवरहित नहीं है। पूर्वोत्तर के लिए कंटेनर कार्गो योजना शुरु की गई है। रेलवे का ऑपरेटिंग रेश्यों 96.2 फीसदी है। वित्त मंत्री ने वित्त वर्ष 2020 के लिए रेलवे हेतु 64587 करोड़ रुपये के बजट आबंटन की भी घोषणा की है।


बजट भाषण में वित्त मंत्री ने देश में अगले 5 साल में 1 लाख डिजिटल विलेज बनाने का एलान किया है। इसके अलावा फिल्म शूटिंग के लिए सिंगल विंडो क्लियरेंस का भी एलान किया गया है। वित्त मंत्री ने देश के कर प्रणाली पर अपनी बात रखते हुए कहा कि देश में डायरेक्ट टैक्स वसूली को आसान बनाया गया है। आगे से आईटी एसेसमेंट और स्क्रूटनी को ऑनलाइन बनाया जायेगा।


उन्होंने आगे कहा कि देश में कर दाताओं की संख्या 80 फीसदी तक बढ़ी है। टैक्स से मिली रकम को गरीबों के विकास में लगाया जा रहा है। कर व्यवस्था के सरलीकरण पर जोर देते हुए एफएम ने कहा कि 99.45 फीसदी रिटर्न बिना स्क्रूटनी के पास हुए है। इस साल 12 लाख करोड़ रुपये के प्रत्यक्ष कर की वसूली हुई है। आगे से सभी टैक्स विवाद ऑनलाइन सुलझाएंगे।


वित्त मंत्री ने कहा देश में जीएसटी कलेक्शन 57 करोड़ रुपये प्रति माह रहा है। 5 साल में भारत को 5 लाख करोड़ डॉलर की इकोनॉमी बनाने का लक्ष्य है। साल 2030 तक भारत को 10 लाख करोड़ डॉलर की इकोनॉमी बनाने का लक्ष्य है। उन्होंने आगे कहा कि देश में इलेक्ट्रिक्ल व्हीकल को विशेष बढ़ावा दिया जायेगा।


काले धन पर एफएम ने कहा कि मोदी सरकार कालाधन खत्म करके ही दम लेगी। नोटबंदी से अब तक 1.36 लाख करोड़ रुपये का कालाधन वापस आया है।


सरकार का वित्त वर्ष 2020 में 27.84 लाख करोड़ रुपये खर्च करने का लक्ष्य है। एजुकेशन मिशन के लिए वित्त वर्ष 2020 में 38600 करोड़ रुपये का आबंटन किया गया है। इसके अलावा अनुसुचित जाति और जनजातियों के विकास के लिए वित्त वर्ष 2020 में 76800 करोड़ रुपये खर्च करने का लक्ष्य है।