Budget 2019: बजट और टैक्स के पेंच, मिडिल क्लास को क्या मिला

वित्त मंत्री ने एक ऐसा बजट बनाया जिसमें आम तो नहीं लेकिन खास की जेब पर जरूर कैंची चली है।
अपडेटेड Jul 05, 2019 पर 18:13  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

बजट पेश हो चुका है और नई वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक ऐसा बजट बनाया जिसमें आम तो नहीं लेकिन खास की जेब पर जरूर कैंची चली है। टैक्स के लिहाज से वित्त मंत्री साहिबा ने क्या दिया और हमसे क्या लिया इस पर चर्चा करने के लिए हमारे साथ मौजूद हैं केसीसी के सीए एंड फाउंडर शरद कोहली और पीडब्ल्यूसी में Partner tax and regulatory विशाल आनंद लेकिन इससे पहले आइए डालते हैं बजट में टैक्स से जुड़े एलानों पर।


इनकम टैक्स स्लैब


टैक्स स्लैब में बदलाव नहीं किया गया। 5 लाख रुपये सालाना आय होने पर IT रिटर्न भरने की जरूरत नहीं है।


HNIs के टैक्स पर सरचार्ज बढ़ाया


सालाना 2 करोड़ रुपये से ज्यादा आय पर 3% सरचार्ज बढ़ा जबकि सालाना 5 करोड़ रुपये से ज्यादा आय पर 7% सरचार्ज देना होगा।


कॉरपोरेट टैक्स के लिए बड़ी राहत


पहले 250 करोड़ रुपए के टर्नओवर वाली कंपनी पर कॉरपोरेट टैक्स 25% लगता था। लेकिन बजट में इसे बढ़ाकर 400 करोड़ रुपए कर दिया गया है। अब 400 करोड़ रुपए तक के टर्नओवर पर 25% कॉरपोरेट टैक्स लगेगा। कॉरपोरेट टैक्स में इजाफे से 99.3% कंपनियों को राहत मिलेगा।


सस्ते घरों की खरीद पर बड़ा एलान
 
सस्ते घर के छोटे कर्ज पर 1.5 लाख रुपये की अतिरिक्त छूट मिलेगी। सेक्शन 80EE(A) के तहत ये छूट 45 लाख तक के कर्ज पर मिलेगी। 31 मार्च 2020 तक घर खरीदने के लिए लोन पर ही छूट मिलेगी। घर खरीदने पर क्लब मेंबरशिप फीस भी TDS में शामिल होगा।
  
इलेक्ट्रिक गाड़ी खरीदना फायदेमंद?


इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद के लिए बड़ा एलान किया गया है। सेक्शन 80EE(B) के तहत EV खरीद के कर्ज पर 1.5 लाख रुपये ब्याज छूट मिलेगी।


इनकम टैक्स रिटर्न


अब करंट अकाउंट में 1 करोड़ जमा होने पर रिटर्न भरना होगा। विदेश ट्रिप पर 2 लाख रुपये से ज्यादा खर्च पर रिटर्न भरना होगा। वहीं सालाना बिजली बिल 1 लाख रुपये से ज्यादा होने पर रिटर्न भरना होगा।


डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा


अब सालाना 1 करोड़ रुपये कैश निकासी पर 2% का TDS लगेगा। रिटर्न फाइलिंग में कैश निकासी TDS वापस मिलेगा। टर्नओवर 50 करोड़ रुपये से ज्यादा होने पर डिजिटल पेमेंट स्वीकारना होगा। सेक्शन 269 (SU) के तहत डिजिटल पेमेंट लेना होगा।
डिजिटल पेमेंट ना लेने पर 271 (DB) के तहत 5,000 रुपये प्रति दिन जुर्माना लगेगा।


इंश्योरेंस पर TDS


इंश्योरेंस पर TDS 1% से बढ़ाकर 5% कर दिया गया है। ये सम अश्योर्ड और प्रीमियम के फर्क का 5% तक होगा।


स्टार्ट-अप्स को राहत


अब स्टार्ट-अप के वैल्यूएशन की छानबीन नहीं होगी। जांच के लिए वरिष्ठ अधिकारियों से मंजूरी लेनी होगी। स्टार्ट-अप्स में हुए कैपिटल गेन्स की छूट सेक्शन 54 (GB) में शामिल होगी।