Budget 2020: सरकार ने खत्म किया DDT, जानिए क्या है यह और किसे मिलेगा फायदा

वित्त मंत्री ने बताया कि DDT हटाने से सरकार को 25,000 करोड़ रुपए का राजस्व नुकसान होगा
अपडेटेड Feb 02, 2020 पर 14:43  |  स्रोत : Moneycontrol.com

Budget 2020 में मोदी सरकार ने शुक्रवार को कंपनियों पर लगने वाला लाभांश वितरण कर यानी Dividend Distribution Tax (DDT) को हटाने का प्रस्ताव दिया है। इससे अब डिविडेंड पर टैक्स अब रिसिपिएंट्स यानी डिविडेंड पाने वाले को देना होगा। वित्त मंत्री ने बताया कि इससे 25,000 करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान होगा।


वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट पेश करते हुए कहा कि प्रस्ताव से भारत निवेश के लिए आकर्षक होगा। उन्होंने DDT को हटाने को एक साहसिक कदम बताया है।


फिलहाल कंपनियों को शेयरहोल्डर्स को दिए जाने वाले डिविडेंड भुगतान पर 15 प्रतिशत की दर से डीडीटी देना होता है। इसके अलावा इस पर सेस (cess) और सरचार्ज (surcharge) लगता है। यह कंपनी की तरफ से बेनेफिट पर दिए गए टैक्स के अतिरिक्त होता है।


बजट में डीडीटी हटाने का प्रस्ताव देते हुए वित्त मंत्री ने कहा- भारतीय शेयर बाजार को और आकर्षक बनाने और निवेशकों को राहत देने के लिए मैं डीडीटी हटाने का प्रस्ताव करती हूं और डिविडेंड टैक्सेशन के पुराने सिस्टम को अपनाने का प्रस्ताव करती हूं। इसके तहत कंपनियों को डीडीटी भुगतान की जरूरत नहीं होगी।


उन्होंने कहा- डिविडेंड टैक्स का भुगतान केवल उसे लेने वाले को उस पर लगने वाली दर के आधार पर करना होगा।


वित्त मंत्री ने कहा कि डीडीटी लगाने से निवेशकों पर कर बोझ पड़ता है। खासकर उन पर जो आय में लाभांश जोड़ने पर डीडीटी के मुकाबले कम दर से कर चुकाने के हकदार हैं।


उन्होंने यह भी कहा कि ज्यादातर विदेशी निवेशकों को उनके अपने देश में डीडीटी क्रेडिट का लाभ उपलब्ध नहीं होने से उनके लिए शेयर कैपिटल के रिटर्न में कमी आती है।


सोशल मीडिया अपडेट्स के लिए हमें Facebook (https://www.facebook.com/moneycontrolhindi/) और Twitter (https://twitter.com/MoneycontrolH) पर फॉलो करें।