Budget 2020: सरकार लाएगी लॉजिस्टिक्स पॉलिसी, जल्द होगी घोषणा

निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार जल्द ही लॉजिस्टिक्स पॉलिसी लाने की तैयारी कर रही है। जिसमें केंद्र, राज्य और रेगुलेटर्स की भूमिका तय की जाएगी
अपडेटेड Feb 03, 2020 पर 09:29  |  स्रोत : Moneycontrol.com

सरकार ने शनिवार को कहा कि वो जल्द ही लॉजिस्टिक्स पॉलिसी जारी करेगी। जिसका मकसद देश भर में माल की बिना रोकटोक के आवाजाही को बढ़ावा देना है।
फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण के दौरान कहा कि इस पॉलिसी में केंद्र, राज्यों और प्रमुख रेगुलेटर्स की भूमिका स्पष्ट की जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि नेशनल लॉजिस्टिक्स पॉलिसी जल्द ही जारी की जाएगी। इसके तहत सिंगल विंडो की स्थापना की जाएगी। साथ ही रोजगार, स्किल और MSMEs को प्रतिस्पर्धात्मक बनाने पर फोकस किया जाएगा।


वाणिज्य मंत्रालय (Commerce Ministry) के तहत लॉजिस्टिक्स डिवीजन द्वारा इस पॉलिसी पर काम किया जा रहा है। नई पॉलिसी के लागू होने से व्यापार की गति बढ़ाने, निर्यात प्रतिस्पर्धा बढ़ाने (Enhance Export Competitiveness) और Logistics Performance Index में भारत की रैंकिंग सुधारने में मदद मिलेगी।
सरकार इस पॉलिसी के तहत एक ई-मार्केटप्लेस (e-marketplace) बनाएगी। जिसमें सभी आयातक और निर्यातक को एक प्लेफॉर्म मिलेगा।


इस बीच वाणिज्य मंत्रालय ने अपने एक बयान में कहा कि लॉजिस्टिक की कीमतें बहुत अधिक हैं और मौजूदा समय में लॉजिस्टिक कीमतें GDP के 14 फीसदी के बराबर हैं। इसे साल 2022 तक घटाकर 10 फीसदी लाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके आगे मंत्रालय ने कहा कि यह सेक्टर बहुत ही जटिल है। जिसमें 20 से अधिक सरकारी एजेंसियां, 40 सहयोगी सरकारी एजेंसियां, 37 एक्सोपर्ट प्रमोशन काउंसिल्स, 50 सार्टिफिकेशन्स, 10 कमोडिटीज और 160 अरब डॉलर का मार्केट है।  इतना ही नहीं इसमें 12 मिलियन रोजगार, 200 शिपिंग एजेंसियां, 36 लॉजिस्टिक्स सर्विस, 129 ICD, 168 CFSs (Container Freight Stations), 50 IT इकोसिस्टम और बैंक और बीमा एजेंशियां शामिल हैं। इसके अलावा निर्यात और आयात के लिए 81 अथॉरिटीज और 500 सार्टिफिकेट्स की जरूरत है।


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