Budget 2020: अफोर्डेबल हाउसिंग के लिए टैक्स हॉलिडे की मियाद 1 साल बढ़ी

अफोर्डेबल हाउसिंग के लिए ब्याज पर मिलने वाले 1 लाख रुपये के बेनिफिट को 21 मार्च 2021 तक बढ़ाने का एलान किया है।
अपडेटेड Feb 02, 2020 पर 16:56  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

इस बार बजट में हाउसिंग और रियल एस्टेट सेक्टर को बजट से सीधे सीधे कुछ खास नहीं मिला। लेकिन अफोर्डेबल हाउसिंग को बढ़ावा देने के लिए पहला घर खरीदने पर जो इंटरेस्ट सबवेंशन मार्च में खत्म हो रहा था, वो अब एक साल और जारी रहेगा। इसके अलावा डेवलपर को प्रॉफिट पर 100 फीसदी टैक्स डिडक्शन की योजना भी एक साल आगे तक जारी रहेगी।


बजट में कैपिटल गेन पर छूट सीमा बढ़ा दी गई है। सर्किल रेट में छूट 5 फीसदी से बढ़ाकर 10 फीसदी कर दी गई है। भाव सर्किल रेट से 10 फीसदी कम होने पर फायदा मिलेगा। बिक्री की रकम इनकम में जोड़ी जाएगी।


सरकार उम्मीद कर रही है कि इन दोनों कदमों से डिमांड बढ़ाने में मदद मिलेगी और हाउसिंग फॉर ऑल का लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा ग्रोथ को पुश करने के लिए इंडस्ट्री, लॉजिस्टक सेक्टर और निवेश को लेकर जो एलान किए गए हैं, उसका फायदा रियल एस्टेट को भी मिलेगा और इनकम टैक्स में जो वैकल्पिक स्ट्रक्चर बनाया गया है, इसका रियल एस्टेट पर भी सीधा असर पड़ेगा, लेकिन ये पहेली समय के साथ ही साफ हो पाएगी कि किसको फायदा होगा और किसको नुकसान इस पर चर्चा करेंगे।


Colliers International India के National Director, Design & Build and Fitouts के Arnab Ghosh का कहना है कि अफोर्डेबल हाउसिंग और को-लिविंग एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। बजट में वित्त मंत्री की घोषणा इस दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है।


बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2022 तक सभी के लिए घर का वादा किया है। रियल एस्टेट को उम्मीद थी कि इस बजट में इसे सेक्टर का दर्जा मिल जाएगा, जिससे इसकी हालत में सुधार होगा। वर्तमान में घर खरीदने पर इंट्रेस्ट पर 2 लाख रुपये तक छूट मिलती है। इसके अलावा सेक्शन 80सी के तहत प्रींसिपल पर भी 1.5 लाख रुपये तक की छूट मिलती है।


रियल एस्टेट का योगदान देश की इकोनॉमी में 8 फीसदी है लेकिन अभी ये सेक्टर संकट से जूझ रहा है। जीएसटी और रेरा के लागू होने के बाद इस सेक्टर में पारदर्शिता आई लेकिन कुछ सालों से इस सेक्टर में कीमतें स्थिर है।


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