Budget 2020: सरकार क्या STT हटाने का जोखिम उठाएगी या बाजार को करना होगा इंतजार

STT यानी सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स में निवेशक को प्रॉफिट हो या लॉस, सरकार को टैक्स मिल जाता है
अपडेटेड Jan 30, 2020 पर 10:41  |  स्रोत : Moneycontrol.com

इकोनॉमी में स्लोडाउन और कंजम्प्शन की डिमांड घटने से इस बात के चांस बढ़ गए हैं कि सरकार इस साल बजट (Budget 2020) में डायरेक्ट और इनडायरेक्ट टैक्स में कुछ राहत दे सकती है।


वैसे यह उम्मीद की जा रही है कि फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण इनकम टैक्स और लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) रेट्स में राहत दे सकती हैं। हालांकि बाजार से जुड़े लोगों ने यह भी संभावना जताई है कि सराकर इस बार सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) में भी कुछ बदलाव कर सकती है। 


बाजार के कई जानकारों का कहना है कि STT का रेट कम होने के चांस तो हैं लेकिन इसे पूरी तरह हटाया नहीं जाएगा क्योंकि दोबारा इसे लागू करना मुश्किल हो सकता  है। इसके अलावा मार्केट रेगुलेटर सेबी के नए मार्जिन सिस्टम की वजह से भी STT रेट में कटौती की उम्मीद बढ़ी है।  


कोटक सिक्योरिटीज के इक्विटी टेक्निकल रिसर्च के सीनियर वाइस-प्रेसिडेंट श्रीकांत चौहान का कहना है, "हमें लगता है कि सरकार STT में कमी करेगी क्योंकि हाल ही में सेबी ने न्यू मार्जिन सिस्टम लागू किया है। इस नए मार्जिन सिस्टम में एक्सचेंज ने ब्रोकर्स को इंट्राडे लीवरेज के लिए भी मार्जिन कलेक्ट करने का आदेश दिया है।"


चौहान ने कहा, "हमारा मानना है कि सेबी के नए मार्जिन सिस्टम की वजह से इंट्राडे एक्टिविटी घटेगी। लिहाजा डेली टर्नओवर गिरेगा। इससे STT कलेक्शन में भी गिरावट आएगी। इसलिए STT को बनाए रखने की जरूरत नहीं है।"


कब लागू हुआ था STT?


सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) को पहली बार 2004 में लागू किया गया था। तब तक शेयर बाजार पर सिर्फ शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन लागू था। सरकार को यह पता चला कि शेयर बाजार से टैक्स कलेक्शन कम, लिहाजा STT लगाने का फैसला किया गया था।


बाजार के जानकारों का कहना है कि फिस्कल ईयर 2018-19 में जब सरकार ने 10 फीसदी LTCG लगाने का फैसला किया तो बाजार में पार्टिसिपेशन कम हुआ है। खासतौर पर रिटेल ग्राहकों के पार्टिसिपेशन में कमी आई है।


जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के रिसर्च हेड विनोद नायर ने बताया कि डबल टैक्सेशन रोकने के लिए पहले इनकम टैक्स के सेक्शन 88E के तहत STT पर छूट दी जा रही थी लेकिन 2007 में यह छूट भी खत्म कर दी गई।  


रिलायंस सिक्योरिटीज के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट विकास जैन STT में किसी भी तरह के बदलाव से इनकार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इस बार बजट में STT ना घटाएगी और ना ही इसे पूरी तरह हटाएगी।


जैन ने कहा, "इस बात के चांस बहुत कम हैं कि सरकार बजट में STT हटाएगी। वैसे हर बार बजट में यह उम्मीद की जाती है कि सरकार STT हटा देगी लेकिन ऐसा नहीं होता है। STT डायरेक्ट टैक्स है और निवेशक को प्रॉफिट हो या लॉस, सरकार को टैक्स मिल जाता है। हर तिमाही में मार्केट वॉल्यूम लगातार बढ़ रहा है, लिहाजा बजट में STT हटाए जाने की उम्मीद नहीं है।"


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