Moneycontrol » समाचार » कमोडिटी न्यूज

कमोडिटी मार्केट में उथल-पुथल के बाद अब क्या होनी चाहिए निवेश रणनीति!

अमेरिकी फेडरल रिजर्व की कमेंटरी और चीन की सख्ती के कारण ज्यादातर बड़ी कमोडिटीज में हमने खासी गिरावट देखी है।
अपडेटेड Jun 18, 2021 पर 18:36  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

कमोडिटी मार्केट के लिए ये हफ्ता अच्छा नहीं रहा है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की कमेंटरी और चीन की सख्ती के कारण ज्यादातर बड़ी कमोडिटीज में हमने खासी गिरावट देखी है। घरेलू बाजार की बात करें तो यहां भी हमने सरकार के सख्त रुख और मॉनसून की दस्तक के साथ एग्री कमोडिटीज पर दबाव  देखा है। ऐसे में अब आने वाले समय के लिए कमोडिटीज बाजार का आउटलुक कैसा दिख रहा है। आज इस पर ही फोकस करेंगे।



कमोडिटीज की रफ्तार थमी


कई कमोडिटीज  ने 2021 की पूरी बढ़त गंवाई है। US फेड के कमेंट के कारण कीमतों पर दबाव देखने को मिल रहा है। US फेड ने साल 2023 में 2 बार दरें बढ़ाने के संकेत दिए है। डॉलर में मजबूती लौटने से कमोडिटीज में गिरावट आई है। चीन की सख्ती से कमोडिटीज की रैली पर ब्रेक लगा है। सप्लाई में सुधार से कमोडिटीज में कमजोरी है। वहीं बड़ी इकोनॉमी की रीओपनिंग से कीमतों को सपोर्ट मिलेगा।


एग्री कमोडिटीज पर भी मार


US में उत्पादन बढ़ने की उम्मीद से एग्री कमोडिटीज में कमजोरी आई है। चीन ने कीमतों को थामने के लिए कदम उठाए है। भारत में भी सरकार कीमतों को लेकर सख्त हुई है। मॉनसून की दस्तक से एग्री कमोडिटीज पर मार पड़ी है। अभी तक खरीफ बुआई पिछले साल से 38 फीसदी ज्यादा है। कई हिस्सों में मॉनसून जल्द पहुंचने से बुआई बढ़ी है। लगातार तीसरे साल रिकॉर्ड उत्पादन की उम्मीद है।



मॉनसून की चाल पर नजर


अभी तक देश में सामान्य से 33 फीसदी ज्यादा बारिश रहेगी। मॉनसून के आगे बढ़ने से लिए स्थिति अनुकूल नहीं है। 27 जून से मॉनसून फिर से रफ्तार पकड़ेगा । 8 जुलाई तक पूरे देश में मॉनसून पहुंचने की उम्मीद है।


सोशल मीडिया अपडेट्स के लिए हमें Facebook (https://www.facebook.com/moneycontrolhindi/) और Twitter (https://twitter.com/MoneycontrolH) पर फॉलो करें.