Moneycontrol » समाचार » कमोडिटी खबरें

फार्मा कंपनियों की मांग से मेंथा ऑयल में तेजी, कमोडिटी क्या हो कमाई की रणनीति

सर्दियों से पहले मेंथा ऑयल में तेजी नजर आ रही है। बता दें कि फार्मा कंपनियों से मांग बढ़ने से इसको सहारा मिला है।
अपडेटेड Nov 06, 2019 पर 08:55  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

सोने-चांदी की कीमतों पर दबाव नजर आ रहा है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की रिपोर्ट के अनुसार इस साल डिमांड 3 साल में सबसे कम रहने का अनुमान है। साल 2019 में गोल्ड की डिमांड 8 प्रतिशत घट सकती है।


गोल्ड डिमांड पर WGC का अनुमान है कि 2019 में गोल्ड डिमांड 8 प्रतिशत घटकर 700 टन हो सकती है। वहीं सितंबर तिमाही में इंडिया की खपत 123.9 टन रही है। इस लिहाज से सितंबर तिमाही में इंडिया की खपत एक तिहाई घटी है। बता दें कि इंडिया के पास दुनिया का 10वां सबसे बड़ा गोल्ड रिजर्व है और इंडिया की गोल्ड होल्डिंग 618.2 टन है।


कच्चे तेल पर नजर डालें तो इसमें लगातार चौथे दिन तेजी नजर आ रही है। ब्रेंट करीब एक परसेंट तेज नजर आ रहा है और इस समय एक महीने की हाई पर कारोबार कर रहा है।


वहीं दूसरी तरफ कल की जोरदार तेजी के बाद मसालों में मुनाफावसूली दिखाई दी है। इलायची छोड़ दूसरे मसालों पर दबाव बना हुआ है। उधर लगातार कई दिनों की जोरदार तेजी के बाद सोयाबीन में कमजोरी नजर आई है। NCDEX पर सोयाबीन करीब एक प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहा है लेकिन ट्रेंड अभी भी मजूबत बना हुआ है।


वहीं सर्दियों से पहले मेंथा ऑयल में तेजी का रूझान दिखाई दे रहा है। फार्मा कंपनियों की ओर से मांग बढ़ने और स्टॉक में कमी से कीमतों को सहारा मिला है। MCX पर भाव में एक प्रतिशत से ज्यादा की तेजी देखी जा रही है।


सर्दियों से पहले मेंथा ऑयल में तेजी नजर आ रही है। बता दें कि फार्मा कंपनियों से मांग बढ़ने से इसको सहारा मिला है। यह जाड़े में उपयोग होने वाली दवा में इस्तेमाल होता है। वहीं मांग बढ़ने से निचले स्तरों से खरीदारी हो रही है। पिछले कुछ हफ्तों में मेंथा ऑयल की मांग में इजाफा हुआ है और स्टॉक कम होने से भी कीमतों को सहारा मिला है।


वहीं दूसरी तरफ पिछले हफ्ते महाराष्ट्र और आसपास के प्रदेशों में भारी बारिश से कपास की फसलों को नुकसान पहुंचा है, जिससे आने वाले दिनों में कपास में तेजी का रुझान दिख रहा है। बेमौसम बारिश से फसल की आवक में देरी हुई है। सिर्फ महाराष्ट्र में फसल की आवक में 15 दिन देरी संभव है। महाराष्ट्र में 19 लाख हेक्टेयर फसल को नुकसान की खबर है।


इसके बाद से आयातित कपास की कीमत 38000 प्रति कैंडी तक पहुंच गई है। इसके परिणामस्वरूप घरेलू कपास के दाम 42500 प्रति कैंडी तक पहुंच गये हैं। बता दें कि नुकसान हुई फसल में नमी की मात्रा काफी अधिक है और मजबूत डॉलर के कारण ICE में कॉटन पर दबाव बना हुआ है।


IndiaNivesh Commodities के मनोज कुमार जैन की निवेश सलाह


ग्वार सीडः खरीदें-4200 रुपये, स्टॉपलॉस-4150 रुपये, लक्ष्य-4280 रुपये


रिफाइन्ड सोया तेलः खरीदें-778 रुपये, स्टॉपलॉस-774 रुपये, लक्ष्य-786 रुपये


SSJ finance & securities के प्रियांक उपाध्याय की निवेश सलाह


एमसीएक्स कच्चा तेल (नवंबर): खरीदें-3980 रुपये, स्टॉपलॉस-3850 रुपये, लक्ष्य-4100 रुपये


एमसीएक्स चांदी (दिसंबर): खरीदें-46100 रुपये, स्टॉपलॉस-45500 रुपये, लक्ष्य-47100 रुपये


सोशल मीडिया अपडेट्स के लिए हमें Facebook (https://www.facebook.com/moneycontrolhindi/) और Twitter (https://twitter.com/MoneycontrolH) पर फॉलो करें।