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कैसी रहेगी खरीफ की पैदावार, क्या मिलेगा कमाई का बेहतर मौका!

कमजोर शुरुआत के बाद मॉनसून ने जुलाई के आखिर से रफ्तार पकड़ी जिससे पूरे देश में बारिश सामान्य स्तर के करीब पहुंच गई।
अपडेटेड Sep 01, 2019 पर 09:53  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

कमजोर शुरुआत के बाद मॉनसून ने जुलाई के आखिर से रफ्तार पकड़ी जिससे पूरे देश में बारिश सामान्य स्तर के करीब पहुंच गई। लेकिन फिर भी खरीफ फसलों की बुआई पिछले साल से कम रही है जिससे उत्पादन में कमी की आशंका जताई जा रही है। इसके अलावा अमेरिका-चीन में चल रहा ट्रेड वॉर और रुपए की कमजोरी भी एग्री कमोडिटीज के लिए अहम फैक्टर बने हुए हैं। अगले महीने से नई फसल की आवक शुरु हो जाएगी। ऐेसे में खरीफ फसलों की डिमांड-सप्लाई और कीमतों को लेकर क्या नजरिया बन रहा है।


खरीफ के उत्पादन को लेकर CRISIL, Skymet का अनुमान है कि उत्पादन में कमी आ सकती है जबकि NCML ने खरीफ उत्पादन 0.7% बढ़ने की उम्मीद का अनुमान जताया है।


2019-20 के लिए सरकार का रिकॉर्ड खाद्यान उत्पादन लक्ष्य 29.11 करोड़ टन है। सरकार ने खरीफ सीजन में 14.79 करोड़ टन उत्पादन लक्ष्य तय किया है जबकि सरकार ने रबी सीजन में 14.32 करोड़ टन उत्पादन लक्ष्य का अनुमान जताया है। वहीं 2018-19 में 28.14 करोड़ टन खाद्यान उत्पादन लक्ष्य का अनुमान जताया है।


वहीं Skymet ने कॉटन उत्पादन 3.42 करोड़ गांठ रहने का अनुमान जताया है। पिछले साल 3.01 करोड़ गांठ कॉटन पैदा हुई थी। धान के उत्पादन में 13% की गिरावट के आसार है। Skymet का अनुमान है कि सोयाबीन का उत्पादन 12.5% घट सकता है। दालों के उत्पादन में भी कमी के आसार देखने को मिल सकते है।


IGC ने 2019-20 में गेहूं की पैदावार 76.4 करोड़ टन रहने का अनुमान जताया है जबकि 2019-20 में गेहूं की पैदावार 4% ज्यादा रह सकती है। वहीं 2019-20 में मक्का की पैदावार 110 करोड़ टन रहेगी। 2019-20 में मक्का की पैदावार 3% कम रह सकती है। 2019-20 में सोयाबीन उत्पादन 34.4 करोड़ टन रहेगा।


CRISIL का अनुमान है कि इस साल फसलों के दाम 10-12% ज्यादा रह सकते हैं। उत्पादन में कमी के कारण कीमतों में तेजी दिखेगी। खरीफ फसलों का उत्पादन 3-5% गिर सकता है। सालाना आधार पर खरीफ उत्पादन 17.07 करोड़ टन से घटकर 16.22 करोड़ टन संभव है।


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