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विदाई के समय मॉनसून की चाल तेज, एग्री कमोडिटी में कमाई की क्या हो रणनीति

जाते-जाते मॉनसून देश के कई हिस्सों में कोहराम मचा रहा है। सितंबर मध्य में भी कई राज्यों से भारी बारिश की खबरें आ रही हैं।
अपडेटेड Sep 14, 2019 पर 12:48  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

जाते-जाते मॉनसून देश के कई हिस्सों में कोहराम मचा रहा है। सितंबर मध्य में भी कई राज्यों से भारी बारिश की खबरें आ रही हैं। जिससे खरीफ की खड़ी फसलों को नुकसान की आशंका है। मध्य प्रदेश और राजस्थान में बारिश के कारण सोयाबीन और दलहन फसलों को नुकसान हुआ है। वहीं महाराष्ट्र और पंजाब में धान की फसल को नुकसान की आशंका है। जल्द ही फसलों की आवक शुरू हो जाएगी। ऐसे में खरीफ फसलों के उत्पादन और कीमतों को लेकर क्या आउटलुक बन रहा है।


IMD की चेतावनी


मध्य प्रदेश में भारी बारिश जारी है। IMD ने राज्य में मंगलवार तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। कल मध्य प्रदेश में 24 MM बारिश दर्ज की गई जो सामान्य से 300 परसेंट ज्यादा है। इसके अलावा IMD ने गुजरात और राजस्थान के कई हिस्सों में भी भारी बारिश की चेतावनी दी है।


सोयाबीन में तेजी


सोयाबीन में भी जोरदार तेजी है। मध्य प्रदेश में भारी बारिश से फसलों को नुकसान से सोयाबीन के भाव में तेजी का रुख है। भारी बारिश से मध्य प्रदेश की मंडियों में सोयाबीन के आवक में गिरावट आई है। वहीं राजस्थान में भी फसलों के नुकसान होने की आशंका है।


कॉटन में तेजी


कॉटन के भाव में लगातार तेजी देखने को मिल रही है। ग्लोबल प्रोडक्टशन अनुमान में कमी और घरेलू बाजार में स्टॉक कम होने से कीमतों को सपोर्ट मिल रहा है। USDA ने चालू साल के लिए ग्लोबल प्रोडक्शन अनुमान घटाकर 12 करोड़ 49 लाख गांठ कर दिया है। इसके अलावा CAI के कॉटन क्लोजिंग स्टॉक अनुमान घटाने से भी कीमतों को सहारा मिला है।


कपास खली की क्वालिटी जांच


कपास खली को लेकर बड़ी खबर आ रही है। SEBI की एक टीम NCDEX के वेयरहाउस में जमा कपास खली की जांच के लिए गुजरात जाएगी। दरअसल कॉटन सीड क्रशर्स ने NCDEX वेयरहाउस में रखी कपास खली की क्वालिटी को लेकर SEBI से शिकायत की थी। जिसके बाद मार्केट रेगुलेटर ने टीम भेजने का फैसला लिया है। हालांकि NCDEX का कहना है कि उसके वेयरहाउस में रखी कपास खली की क्वालिटी कॉन्ट्रैक्ट स्पेशिफिकेशन के मुताबिक है। कॉटन के बाद एक्सचेंजों के वेयरहाउस में रखीं कमोडिटीज की क्वालिटी को लेकर ये दूसरा मामला आया है।


मसालों में तेजी


वहीं मसालों पर नजर डालें तो इलायची और धनिया तेजी का रुझान है। मसालों में तेजी की वजह आवक में कमी को माना जा रहा है।


बाढ़ से धान को नुकसान


हाल में चावल उत्पादक राज्यों में आए बाढ़ की वजह से धान की फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। अक्टूबर-सितंबर के दौरान धान की खरीद अनुमान से कम रहने की संभावना है। दरअसल भारी बारिश की वजह से पंजाब, कर्नाटक और महाराष्ट्र के बड़े इलाकों में बाढ़ से धान की फसलों को नुकसान हुआ जिससे अक्टूबर से सितंबर के बीच धान की खरीद का लक्ष्य पूरा नहीं होने की संभावना है।


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