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पेट्रोल पंपों को लेकर बदले नियम, अब लगाने होंगे 100 आउटलेट, 5 फीसदी दूरदराज इलाकों में होंगे

पेट्रोल पंप का लाइसेंस पाने के संशोधित प्रावधानों के तहत संबंधित कंपनी को कम से कम 100 पेट्रोल पंप लगाने होंगे
अपडेटेड Nov 27, 2019 पर 13:08  |  स्रोत : Moneycontrol.com

केंद्र सरकार ने फ्यूल रिटेल (Fuel Retail) क्षेत्र में नई लिबरलाइज्ड पॉलिसी (liberalised Policy) जारी की है। इसके तहत फ्यूल रिटेल मार्केट में उतरने वाली कंपनियों को देशभर में कम से कम 100 पेट्रोल पंप लगाने होंगे और उनमें से पांच प्रतिशत पेट्रोल पंप दूरदराज इलाकों में होने चाहिए। सरकार ने पिछले महीने ही कंपनियों के लिए पेट्रोल पंप खोलने के नियमों में ढील दी थी। सरकार ने गैर-पेट्रोलियम कंपनियों को इस क्षेत्र में उतरने की अनुमति दी है।


क्या है नई पॉलिसी?


नई नीति के मुताबिक देश में पेट्रोल पंप का लाइसेंस पाने के संशोधित प्रावधानों के तहत संबंधित कंपनी को कम से कम 100 पेट्रोल पंप लगाने होंगे, जिनमें कम से कम पांच प्रतिशत सुदूर इलाकों में होने चाहिए। एक गजट नॉटिफिकेशन में पेट्रोल पंप लगाने के संशोधित प्रावधानों की जानकारी दी गई है। इसके तहत लाइसेंस पाने वाली कंपनी को पेट्रोल पंप का परिचालन शुरू होने के तीन साल के भीतर CNG, Bio Fuel, LNG, Elecric Vehicle Charging Station जैसे वैकल्पिक माध्यमों में से किसी एक के डिस्ट्रीब्यूशन की सुविधा भी लगानी होगी।


इससे पहले पेट्रोल पंप के लिए लाइसेंस पाने के लिए एक कंपनी को पेट्रोलियम क्षेत्र में दो हजार करोड़ रुपए निवेश करने की जरूरत होती थी।


नॉटिफिकेशन के अनुसार- पेट्रोलियम उत्पादों के रिटेल मार्केटिंग का लाइसेंस पाने के लिए आवेदन करते समय कंपनी का न्यूनतम नेट वर्थ 250 करोड़ रुपए होना चाहिए। सरकार ने पेट्रोल पंप पाने का आवेदन शुल्क 25 लाख रुपए तय किया है। इसमें कहा गया है कि लाइसेंस मिलने के पांच साल के भीतर कंपनी को देश भर में कम से कम 100 पेट्रोल पंप खोलने होंगे जिनमें कम से कम पांच प्रतिशत पेट्रोल पंप दूरस्थ इलाकों में होने चाहिए।


सरकार ने इससे पहले 2002 मे पेट्रोल पंप लाइसेंस आवंटन के प्रावधानों को संशोधित किया था। इस नीति की समीक्षा उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति की सिफारिश के बाद की गई है।


ग्लोबल कंपनियों को मिलेगी एंट्री


सरकार के पेट्रोलियम मार्केटिंक सेक्टर में गैर- पेट्रोलियम कंपनियों को प्रवेश देने की नीति से ग्लोबल कंपनियों जैसे कि फ्रांस की Total SA, सउदी अरब की Aramco, ब्रिटेन की BP Plc  और Trafigura की मार्केटिंग कंपनी Puma Energy को भारतीय बाजार में आने का रास्ता मिलेगा।


इससे पहले फ्रांस की टोटल कंपनी अदाणी समूह के साथ मिलकर नवंबर 2018 में देश में 1,500 खुदरा पेट्रोल और डीजल पंप के लिये लाइसेंस का आवेदन कर चुकी है। बीपी ने भी रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ मिलकर पेट्रोल पंप खोलने के लिए भागीदारी की है। हालांकि कंपनी ने अभी तक औपचारिक तौर पर आवेदन नहीं किया है। पूमा एनर्जी ने रिटेल लाइसेंस के लिए आवेदन किया है जबकि अरामको क्षेत्र में उतरने के लिए बातचीत कर रही है।


फिलहाल देश में वर्तमान में चल रहे 66,408 पेट्रोल पंपों में से ज्यादातर पंप पब्लिक सेक्टर की कंपनियों- Indian Oil Corp (IOC), Bharat Petroleum Corp Ltd (BPCL) and Hindustan Petroleum Corp Ltd (HPCL) के ही हैं। इनके अलावा Reliance Industries, Nayara Energy (पूर्व में  Essar Oil) and Royal Dutch Shell निजी क्षेत्र की कुछ कंपनियां भी पेट्रोल पंप चला रही हैं लेकिन उनकी मौजूदगी बहुत कम हे। रिलायंस के 1,400 पेट्रोल पंप हैं जबकि उसकी सहयोगी बीपी ने भी 3,500 पेट्रोल पंप के लिए आवेदन किया है लेकिन अभी शुरू नहीं किए हैं। शेल के 167 पेट्रोल पंप ही हैं।




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