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silver ने फीकी की 2021 में gold की चमक, जानिए आगे कैसी रहेगी इसकी चाल

सिल्वर का दोहरा उपयोग होता है। यह प्रेसियस मेटल तो है ही साथ ही यह इंडस्ट्रियल मेटल भी है.
अपडेटेड May 11, 2021 पर 20:08  |  स्रोत : Moneycontrol.com

पिछले 1 हफ्ते से हमें गोल्ड और सिल्वर दोनों की कीमतों में बढ़त देखने को मिल रही है लेकिन अगर हम 2021 में इन दोनों कीमती धातुओं के प्रदर्शन पर नजर डालें तो सिल्वर ने गोल्ड की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है।


आज गोल्ड की कीमतें 2021 के अपने 50,180  रुपये के ओपनिंग प्राइस से करीब 4.39 फीसदी नीचे है। वहीं सिल्वर की कीमतें 2021 के अपने 68,254 रुपये प्रति किलोग्राम के ओपनिंग प्राइस से करीब 5 फीसदी ऊपर है।


कमोडिटी एक्सपर्ट का कहना है कि चूंकि सिल्वर दोहरे उपयोग वाली धातु है। इसलिए इसकी कीमतों में सोने की तुलना में ज्यादा बढ़त देखने को मिली है। चांदी एक कीमती धातु के रूप में उपयोग में तो आती ही है साथ ही तमाम उद्योगों में भी इसका उपयोग होता है।


मैन्यूफैक्चरिंग गतिविधियों में बढ़ोतरी के साथ ही हमें चांदी की कीमतों में बढ़त देखने को मिली है। इसके अलावा चांदी की घटती आपूर्ति नें भी इसकी मांग और आपूर्ति में गैप पैदा कर दिया है जिसकी वजह से चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिली है।


Religare Commodities Limited की सुगंधा सचदेव (Sugandha Sachdeva) का कहना है कि चांदी एक कीमती धातु के साथ एक इंडस्ट्रियल मेटल भी  है। अमेरिका,चीन और यूरोप के देशों में इकोनॉमिक रिकवरी के साथ ही इसकी डिमांड बढ़ रही है। इसके साथ ही इसके माइनआपूर्ति में कमी के कारण भी इसकी कीमतें बढ़ रही है।


उन्होंने आगे कहा कि बेस मेटल कॉम्प्लेक्स में ब्रॉड बेस रैली देखने को मिली है । तमाम बेस मेटल अपने मल्टीईयर हाई पर पहुंच गए हैं। इसकी वजह से भी 2021 में चांदी को लेकर सेंटिमेंट सुधरा है और इसकी कीमतों में बढ़ोतरी हुई है।


 IIFL Securities के अनुज गुप्ता का कहना है कि पूरे बेस मेटल कॉम्प्लेक्स में व्यापक रैली और चीन, अमेरिका और दूसरे यूरोपियन देशों में इंडस्ट्रियल डिमांड बढ़ने से चांदी के सप्लाई औऱ डिमांड में बड़ा गैप पैदा हो गया है। इसके अलावा चांदी की माइन सप्लाई में भी गिरावट आई है जिसका असर चांदी की कीमतों में देखने को मिल रहा है।


Sugandha Sachdeva का कहना है कि  मीडियम टर्म में चांदी की कीमतें 75,500 -76,000 रुपये प्रति किलोग्राम का स्तर छू सकती है। वहीं लॉन्ग टर्म या इस साल के अंत तक इसकी कीमतें 85000 रुपये प्रति किलो पहुंच सकती है।


वहीं सोने पर Sugandha Sachdeva  की राय है कि मीडियम टर्म में सोने की कीमतें 52000 प्रति 10 ग्राम का स्तर छू सकती है। वहीं लॉन्ग टर्म में इसकी कीमतें 55000-60000 रुपये प्रति 10 ग्राम का स्तर दिखा सकती है।


Sugandha Sachdeva का यह भी कहना है कि भारी लिक्विडिटी इंफ्यूजन और सस्ती मनी के बढ़ते प्रवाह के बीच ग्लोबल महंगाई के उम्मीद से ज्यादा रहने की उम्मीद है जिसकी वजह से आगे सोने की कीमतों में हमें और रैली देखने को मिल सकती है।


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