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एयर इंडिया को खरीदने की रेस में अडानी ग्रुप भी शामिल

पहले माना जा रहा था कि टाटा ग्रुप भी रेस में है लेकिन टाटा संस के चेयरमैन ने कहा, जल्दीबाजी में फैसला नहीं
अपडेटेड Feb 25, 2020 पर 10:31  |  स्रोत : Moneycontrol.com

अरबपति इंडस्ट्रियलिस्ट गौतम अडानी (Gautam Adani) का अडानी ग्रुप (Adani Group) एयर इंडिया (Air India) को खरीद सकता है। सूत्रों के मुताबिक, अडानी ग्रुप एयर इंडिया को खरीदने की संभावनाएं तलाश रहा है। अगर यह डील हो जाता है तो डोमेस्टिक एयरलाइन मार्केट में यह अडानी ग्रुप की बड़ी एंट्री होगी। 


एक सूत्र ने बताया, "अडानी ग्रुप एडवाइजर्स के साथ मिलकर एयर इंडिया के लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EoI)जमा करने पर विचार कर रहा है। अभी यह शुरुआती दौर पर है और नीलामी की प्रक्रिया पर सरकार की तरफ से कुछ स्पष्टीकरण की जरूरत है।"


एक अन्य सूत्र ने बताया कि अडानी ग्रुप इस मौके का फायदा उठाना चाहता है लेकिन अभी उसने इस पर अंतिम फैसला नहीं किया है। सूत्र के मुताबिक, "इस डील के साथ ही ग्रुप अपने कारोबार को डायवर्सिफाई कर सकता है और एविएशन सेक्टर में एंट्री कर सकता है।" हालांकि मनीकंट्रोल अपनी तरफ से इस मामले की पुष्टि नहीं कर पाया है।


मनीकंट्रोल की तरफ से भेजे गए एक सवाल के जवाब में अडानी ग्रुप के प्रवक्ता ने कहा, " कंपनी की पॉलिसी के तहत हम बाजार की अटकलों पर कोई बयान नहीं दे सकते हैं।"


2019 में अडानी ग्रुप एयरपोर्ट ऑपरेशन और मेंटेनेंस के कारोबार में उतरा था। इसके लिए ग्रुप ने अडानी एयरपोर्ट्स के नाम से एक अलग कंपनी बनाई थी। एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया की तरफ से की गई नीलामी में कंपनी को 6 एयरपोर्ट्स के प्राइवेटाइजेशन का काम मिला था। ग्रुप को अगले 50 साल के लिए अहमदाबाद, लखनऊ, जयपुर, गुवाहाटी, तिरुवनंतपुरम और मंगलुरु एयरपोर्ट्स का जिम्मा मिला है। पिछले फिस्कल ईयर में इन 6 एयरपोर्ट्स ने मिलकर 3 करोड़ पैसेंजर्स (2.36 करोड़ घरेलू और 64 लाख इंटरनेशनल) को हैंडल किया था। साल-दर-साल की आधार पर पैसेंजर की ग्रोथ 22 फीसदी है। अडानी ग्रुप ने वादा किया है कि वह 2026 तक इनमें 10,000 करोड़ रुपए का निवेश करेगा।


सरकार की तरफ से जारी मेमोरैंडम के मुताबिक, एयर इंडिया के लिए EoI जमा करने की आखिरी तारीख 17 मार्च है। सरकार ने इस मामले में सुझाव के लिए अर्नेस्ट एंड यंग और लॉ फर्म साइरिल अमरचंद मंगलदास को एडवाइजर चुना है।


सिंगापुर एयरलाइंस और एयर एशिया का संचालन करने वाले टाटा ग्रुप को भी एयर इंडिया खरीदने का दावेदार समझा जा रहा था। हालांकि 5 फरवरी को टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कहा कि अभी एयर इंडिया पर कोई फैसला लेना बहुत जल्दबाजी होगी। सरकार एयर इंडिया में 100 फीसदी हिस्सेदारी बेचना चाहती है। दिलचस्प है कि एयर इंडिया पहले टाटा ग्रुप की कंपनी थी। सरकार ने इसका राष्ट्रीयकरण 1953 में किया था।  


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