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Jet Airways के लिए बोली लगाएगी एडिग्रो एविएशन, एतिहाद से हाथ मिलाने का प्लान

प्रकाशित Thu, 09, 2019 पर 13:43  |  स्रोत : Moneycontrol.com

Jet Airways। संकट से जूझ रही जेट एयरवेज की बोली लगने में सिर्फ एक दिन बाकी है। बोली 10 मई को लगने वाली है। एडिग्रो एविएशन जेट एयरवेज की बोली लगाने के लिए तैयार है। एडिग्रो, लंदन के एडिग्रुप का हिस्सा है। इस ग्रुप के फाउंडर संजय विश्वनाथन ने कहा है कि उन्हें कई बड़े निवेशकों का समर्थन है।


लंदन से फोन पर मनीकंट्रोल से बातचीत में विश्वनाथन ने कहा, हम निश्चित तौर पर बोली लगाएंगे।


कौन हैं विश्वनाथन?


विश्वनाथन एडी पार्टनर्स के मैनेजिंग पार्टनर भी हैं। यह भी एडी ग्रुप का हिस्सा है। एडी पार्टनर्स ग्लोबल मैनेजमेंट और इनवेस्टमेंट एडवाइजरी फर्म है। एविएशन सेक्टर में एडि ग्रुप का पहला निवेश है। इस ग्रुप की दिलचस्पी टेक्नोलॉजी और फाइनेंस टेक्नोलॉजी में भी है।


यह बोली जेट एयरवेज के शेयरहोल्डर्स के लिए बड़ी राहत है। एयरलाइन कंपनी को यह डर था कि अगर कोई इनवेस्टर्स नहीं मिलता तो इसके सारे एसेट्स प्रतिद्वंदी कंपनियों को दे दिए जाएंगे।


विश्वनाथन ने यह साफ किया है कि फर्म ने कंपनी के फाउंडर नरेश गोयल से संपर्क नहीं किया है। ना ही ब्रिटिश आंत्रप्रेन्योर जैसन अंसवर्थ से कोई बात हुई है। ब्रिटिश आंत्रप्रेन्योर भी जेट एयरवेज के लिए बोली लगाना चाहते है।


इससे पहले अंसवर्थ ने दावा किया था कि एडि पार्टर्नस उस कंसोर्शियम का हिस्सा था जिसमें फ्यूचर ट्रेंड्स कैपिटल और रेडक्लिफ कैपिटल भी शामिल थे।


एडीग्रुप के चेयरमैन और मैनेजिंग पार्टनर ने कहा, हमारे पास अपने मजबूत निवेशक हैं। हमने गोयल या अंसवर्थ के साथ कोई समझौता नहीं किया था। हमें उन्हें जानते भी नहीं हैं और मैंने यह बात SBI कैपिटल को भी बता दी है।


जेट एयरवेज की बोली प्रक्रिया को SBI कैपिटल देख रहा है। एयरलाइन कंपनी के दूसरे संभावित बिडर्स में एतिहाद एयरवेज, TPG कैपिटल, इंडिगो पार्टनर्स और नेशनल इनवेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड यानी NIIF है।


विश्वनाथन इंफोसिस, सोनाटा सॉफ्टवेयर और GE में सीनियर पोजीशन पर रह चुके हैं। इसके बाद उन्होंने एडिग्रुप की नींव रखी थी। उन्होंने कहा कि कंपनी एतिहाद से संपर्क करने की कोशिश कर रही है ताकि जेट एयरवेज को मुश्किल से निकाला जा सके। जेट एयरवेज में एतिहाद की 24 फीसदी हिस्सेदारी है।  


एतिहाद के एक सीनियर अधिकारी से मिलने के बाद विश्वनाथन ने कहा, हम एतिहाद के साथ काम करने को इच्छुक हैं। अगर एतिहाद जेट एयरवेज में बने रहना चाहती है तो हमें उनके साथ मिलकर काम करना अच्छा लगेगा।