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Infosys के CEO सलिल पारेख के खिलाफ एक और शिकायत, क्या होगा अब?

पहले से ही शिकायतों को झेल रहे पारेख के खिलाफ एक और व्हिसलब्लोअर ने शिकायत की है
अपडेटेड Nov 12, 2019 पर 16:32  |  स्रोत : Moneycontrol.com

Infosys। इंफोसिस के चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर (CEO) सलिल पारेख की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पहले से ही शिकायतों को झेल रहे पारेख के खिलाफ एक और व्हिसलब्लोअर ने शिकायत की है। पारेख पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने कंपनी में गड़बड़ी की है। व्हिसलब्लोअर ने कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को पारेख के खिलाफ सख्ती से कदम उठाने का निवेदन किया है।


व्हिसलब्लोअर ने इंफोसिस के चेयरमैन और को-फाउंडर नंदन नीलेकणी को बिना साइन किया एक लेटर भेजा है। इस लेटर में व्हिसलब्लोअर ने लिखा है, " वैसे तो पारेख को कंपनी ज्वाइन किए एक साल 8 महीने हुए हैं लेकिन अभी भी वह मुंबई से काम करते हैं। यह नियमों का उल्लंघन है क्योंकि शर्तों के मुताबिक, इंफोसिस के CEO को बेंगलुरु से काम करना जरूरी है। बोर्ड को उन्हें मुंबई से बेंगलुरु लाने में क्या दिक्कत आ रही है।"


व्हिसलब्लोअर खुद को कंपनी के फाइनेंस डिपार्टमेंट से जुड़ा बता रहा है। व्हिसलब्लोअर ने कहा कि वह अपनी पहचान जाहिर नहीं कर सकता। व्हिसलब्लोअर ने अपने लेटर में लिखा है, "मैं फाइनेंस डिपार्टमेंट में काम करने वाला एक एंप्लॉयी हूं। मामला बहुत गंभीर है, इसलिए मैं अपनी पहचान बिना जाहिर किए शिकायत कर रहा हूं। अपनी पहचान जारी ना करने के लिए मैं माफी मांगता हूं लेकिन यह मामला बेहद गंभीर है।"


व्हिसलब्लोअर ने लिखा है कि एक कर्मचारी और शेयरहोल्डर होने के नाते मैं चेयरमैन का ध्यान इस बात पर दिलाना चाहता हूं कि पारेख कंपनी की वैल्यू सिस्टम को नुकसान पहुंचा रहे हैं।


शिकायती लेटर में लिखा है, "उम्मीद है कि आप कंपनी में शेयरहोल्डर्स का भरोसा बरकरार रखते हुए कदम उठाएंगे।" दो महीने का वक्त देने के बावजूद पारेख बेंगलुरु शिफ्ट नहीं हुए। हर महीने वो दो बार बेंगलुरु के दफ्तर में आते हैं। उनके एयरफेयर और लोकल ट्रांसपोर्टेशन में कंपनी करीब 22 लाख रुपए खर्च करती है।


व्हिसलब्लोअर ने आरोप लगाया है कि हर महीने 4 बिजनेस क्लास टिकट के अलावा घर से एयरपोर्ट और एयरपोर्ट से बेंगलुरु आने-जाने के खर्च में हर महीने 22 लाख रुपए खर्च होते हैं। हालांकि व्हिसलब्लोअर की शिकायत पर अभी तक इंफोसिस ने कोई जवाब नहीं दिया है।


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