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AGR: टेलीकॉम सेक्टर को कोई नहीं खत्म करना चाहता, SBI चीफ

AGR के तौर पर टेलीकॉम कंपनियों को 1.47 लाख करोड़ रुपये देना है।
अपडेटेड Feb 25, 2020 पर 08:52  |  स्रोत : Moneycontrol.com

Adjusted Gross Revenue यानी AGR मामले में SBI चीफ रजनीश कुमार ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने 1.47 लाख करोड़ रुपये के AGR पेमेंट को लेकर कहा है कि कोई भी टेलीकॉम सेक्टर को खत्म नहीं करना चाहता है। सुप्रीम के आदेश के बाद टेलीकॉम कंपनियों को AGR बकाया देने का दबाव बढ़ गया है।


मुंबई में एक कार्यक्रम के दौरान जब उनसे सवाल पूछा गया कि क्या सरकार ने इ समामले में बैंकों से कोई राय ली है। इसके जवाब में कुमार ने कहा कि अभी इस मुद्दे पर हमें सरकार से बात करनी है। टेलीकॉम सेक्टर की समस्याओं के एक सवाल पर SBI  चीफ ने कहा कि मैं साफ तौर पर कहना चाहता हूं कि कोई भी इस सेक्टर को खत्म नहीं करना चाहता है। बता दें कि इसके पहले इसी महीने की शुरुआत में रजनीश कुमार ने कहा था कि टेलीकॉम सेक्टर पर SBI का 29 हजार करोड़ रुपए का लोन बकाया है। इसके अलावा बैंक ने 14 हजार करोड़ रुपए की बैंक गारंटी दे रखी है जो टेलीकॉम कंपनियों की ओर से AGR बकाय़ा नहीं देने पर जब्त की जा सकती है। 


इस मामले को लेकर पिछले हफ्ते सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों और टेलीकॉम कंपनियों के बीच कई बार मीटिंग्स हो चुकी हैं। 


इसी महीने सुप्रीम कोर्ट ने टेलीकॉम कंपनियों को स्पेक्ट्रम शुल्क और AGR 1.47 लाख करोड़ रुपये भुगतान करने का आदेश दिया था। भुगतान नहीं होने पर कोर्ट ने नाराजगी जताई थी और टेलीकॉम कंपनियों को अगली सुनवाई 17 मार्च से पहले पूरा भुगतान करने को कहा था। इस भुगतान को लेकर टेलीकॉम कंपनियों में डर का माहौल बना हुआ है। भपगतान नहीं होने की स्थिति में टेलीकॉम कंपनियों के सामने कारोबारी संकट भी खड़ा हो गया है। खासतौर से वोडाफोन-आइडिया के ऊपर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। डाफोन-आइडिया को करीब 53 हजार करोड़ रुपए का भुगतान करना है।


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