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भारती एयरटेल के शेयर 52 हफ्तों के हाई पर पहुंचे, इस तेजी की क्या है वजह?

AGR पर टेलीकॉम कंपनियों की याचिका खारिज होने के बाद निवेशकों को लग रहा है कि वोडाफोन-आइडिया बाजार से बाहर हो सकती है
अपडेटेड Jan 17, 2020 पर 16:52  |  स्रोत : Moneycontrol.com

सुप्रीम कोर्ट ने AGR पर टेलीकॉम कंपनियों की याचिका खारिज कर दी। इसके बाद निवेशकों ने भारती एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया (Vodafone-Idea) में से एयरटेल (Airtel) को निवेश के लिए चुना है। इसी का नतीजा है कि एयरटेल के शेयरों ने शुक्रवार को 52 हफ्तों का हाइएस्ट लेवल टच किया। वहीं वोडाफोन आइडिया के शेयर 40 फीसदी तक गिर गए हैं। वोडाफोन-आइडिया के शेयरों की लिस्टिंग के बाद यह सबसे बड़ी गिरावट है।


लाइव मिंट के मुताबिक, मोतीलाल ओसवाल के एक एनालिस्ट का कहना है, "वोडाफोन-आइडिया के पास AGR की बकाया राशि चुकाने के लिए पैसा नहीं है। कंपनी पूरी तरह पेमेंट रिलीफ पर टिकी हुई है। इसके पास अगले दो-तीन तिमाही तक कामकाज करने का ही पैसा है।"


वहीं भारती एयरटेल के शेयरों ने 52 हफ्तों का हाइएस्ट लेवल छू लिया जो 498 है। अक्टूबर के अंत में AGR पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया था। तब से लेकर अब तक इसके शेयरों में 32 फीसदी की तेजी आ चुकी है। हालांकि एयरटेल को भी 34,300 करोड़ रुपए की बकाया रकम चुकानी है।


भारती एयरटेल ने हाल ही में 3 अरब डॉलर फंड जुटाया है। इसका इस्तेमाल वह बकाया चुकाने में कर सकती है। इसके अलावा निवेशक यह मानकर एयरटेल में निवेश कर रहे हैं कि वोडाफोन मार्केट से निकल जाएगी। वोडाफोन इंडिया को 44,200 करोड़ रुपए चुकाने हैं। 


टेलीकॉम कंपनियों के पास क्यूरेटिव पीटिशन दायर करने का विकल्प है। लेकिन एनालिस्ट्स को नहीं लगता कि इससे बहुत ज्यादा फायदा होगा। जेफ्फरीज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड का कहना है, "टेलीकॉम कंपनियां क्यूरेटिव पीटिशन दायर कर सकती हैं लेकिन इसमें कामयाबी मिलने के चांस बहुत कम हैं।" हालांकि जानकारों की यह राय जरूर है कि सरकार और सुप्रीम कोर्ट इसमें थोड़ी राहत दे सकते हैं।


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