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डिलीवरी में फ्रॉड से ऐसे निपटेगा एमेजॉन

प्रकाशित Mon, 22, 2019 पर 11:53  |  स्रोत : Moneycontrol.com

ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान फर्जीवाड़ा आम बात है। आपने ऐसी कई घटनाएं सुनी होंगी कि किसी ने फोन ऑर्डर किया और मिला साबुन या ईंट। दिलचस्प है कि इस तरह का फर्जीवाड़ा सिर्फ अपने देश में ही नहीं बल्कि अमेरिका में भी होता है।


ऑनलाइन शॉपिंग की डिलीवरी में धोखाधड़ी से निपटने के लिए एमेजॉन ने अमेरिका में एक नई पहल शुरू की है। इसमें जब भी कोई डिलीवरी बॉय अपनी शिफ्ट में आता है तो वह सबसे पहले वह सेल्फी लेता है। काम शुरू करते हुए वह सेल्फी क्लिक करते हैं और दिन भर में जब भी डिमांड हो फेशियल पहचान के लिए अपनी डिटेल देते हैं।


दरअसल हर डिलीवरी बॉय का एक अकाउंट होता है। लेकिन कई बार एक ही अकाउंट का इस्तेमाल कई डिलीवरी बॉय करते हैं। लिहाजा होता यह है कि कस्टमर का ऑर्डर किसी गलत हाथ में चला जाता है। 


एमेजॉन की यह सर्विस उनके प्राइम डिलीवरी के लिए है। वर्ज की रिपोर्ट के मुताबिक, एक घंटे की सर्विस के लिए कंपनी डिलीवरी बॉय को 18 डॉलर से 25 डॉलर तक देती है। लिहाजा वह चाहती है कि उसके कस्टमर्स को डिलीवरी से जुड़ी कोई दिक्कत ना हो। 


कंपनी की इमेज पर दाग


एमेजॉन पर पहले भी अपने कर्मचारियों के शोषण का आरोप लगाया गया है। कंपनी उनके बाथरूम जाने का भी हिसाब रखती थी। उस हिसाब से देखें तो सेल्फी के जरिए उनपर नजर रखना तो छोटी बात है। एमेजॉन से पहले ऊबर ने भी 2016 में ऐसी ही पॉलिसी शुरू की थी लेकिन ड्राइवरों के विरोध की वजह से उन्हें अपने कदम पीछे खींचने पड़े। 


भारत में यह सिस्टम ओला ने शुरू किया है। इसमें राइड खत्म करने पर कई बार ड्राइवरों को अपनी फोटो कंपनी को भेजनी पड़ती है। इससे यह पक्का होता है कि जिसे ओला ने लाइसेंस दिया है गाड़ी वही चला रहा है।