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Covid-19 की वजह से लक्जरी वाहनों का मार्केट 5-7 साल पीछे चला गया: Audi India

ऑडी इंडिया के हेड बलबीर सिंह ढिल्लों ने कहा कि 2014-15 में हमने जितनी कारें बेची थीं, हम उस लेवल पर अगले साल नहीं पहुंच पाएंगे
अपडेटेड Oct 26, 2020 पर 09:06  |  स्रोत : Moneycontrol.com

कोरोना वायरस महामारी से पूरी दुनिया में कोहराम मचा हुआ है। इससे पूरी दुनिया को बड़ी आर्थिक चपत लगी है। जर्मनी की वाहन (German auto) क्षेत्र की कंपनी ऑडी (Audi) के एक बड़े अधिकारी ने कहा है कि कोरोना वायरस महामारी के चलते लक्जरी वाहन (Luxury) यानी महंगी कारों का मार्केट 5-7 साल पीछे चला गया है। ऑडी इंडिया (Audi India) के हेड बलबीर सिंह ढिल्लों (Balbir Singh Dhillon) ने कहा कि लक्जरी कार के मार्केट को फिर से 2014-15 के लेवल में पहुंचने के लिए दो से तीन साल लगेंगे। उन्होंने कहा कि कोविड-19 की वजह से आई दिक्कतों के बाद अब स्थिति में थोड़ा बहुत सुधार हो रहा है। हालांकि अगले साल लोअर बेस पर बिक्री में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।


उन्होंने आगे कहा कि साल 2014-15 में जितनी कारों की बिक्री हुई थी, उस लेवल में अभी अगले साल तक नहीं पहुंच पाएंगे। लिहाजा कोरोना वायरस महामारी से 5 से 7 साल पीछे हो गए हैं। साल 2014 में भारत में लक्जरी कारों की बिक्री 30,000 यूनिट रही थी, जबकि इसके एक साल बाद यानी साल 2015 में यह 31,000 यूनिट रही थी। 


ढिल्लों से यह पूछे जाने पर कि लक्जरी कार इंडस्ट्री की स्थिति कब तक सुधरेगी, इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अगले साल तो अभी संभव नहीं है, लेकिन उस लेवल में पुहंचने में 2-3 साल लगेंगे। बता दें कि भारत के लक्जरी कार मार्केट के टॉप 5 कंपनियों में मर्सिडीज (Mercedes), BMW, ऑडी (Audi), JLR और वॉल्वो (Volvo), शामिल हैं। इन कंपनियों की बिक्री साल 2019 में 35,500 यूनिट थी। जबकि साल 2018 में 40,340  यूनिट बिक्री हुई थी। इकाई रही थी।


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