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डिमांड कम होने से गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन 7 फीसदी तक गिरा

इस साल जनवरी से अब तक गाड़ियों की मैन्युफैक्चरिंग में 13 फीसदी की गिरावट आ चुकी है
अपडेटेड Feb 20, 2020 पर 18:39  |  स्रोत : Moneycontrol.com

ऑटो इंडस्ट्री के लिए इकोनॉमिक स्लोडाउन का कहर बढ़ता जा रहा है। पिछले साल सभी ऑटो कंपनियों की सेल्स में गिरावट रही है। यह ट्रेंड इस साल भी जारी है। इस साल जनवरी से अब तक गाड़ियों की मैन्युफैक्चरिंग में 13 फीसदी की गिरावट आ चुकी है। मैन्युफैक्चरिंग घटने का मतलब है कि गाड़ियों की डिमांड कम हुई है। इसका नतीजा है कि कंपनियों के रजिस्ट्रेशन में भी कमी आई है।


फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) के मुताबिक, जनवरी से अब तक ओवरऑल व्हीकल रजिस्ट्रेशन में 7.17 फीसदी की कमी आई है। टू-व्हीलर गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन में 8.82 फीसदी की कमी आई है। पैसेंजर व्हीकल का रजिस्ट्रेशन इस दौरान 4.62 फीसदी घटा है। अगर कमर्शियल गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन की बात करें तो उसमें 6.89 फीसदी की कमी आई है। वहीं तिपहिया गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन 9.17 फीसदी बढ़ा। जबकि ट्रैक्टर्स के रजिस्ट्रेशन में 5.11 फीसदी की तेजी आई है। 


रजिस्ट्रेशन में कमी का यह आंकड़ा देश भर का है। हालांकि कुछ छोटे इलाकों में रजिस्ट्रेशन में तेजी आई है। इस लिस्ट में 64.62 फीसदी के साथ चंडीगढ़ टॉप पर है। वहीं 43.85 फीसदी के साथ सिक्किम दूसरे नंबर पर है। तीसरे नंबर पर 26.66 फीसदी के साथ दादर नगर हवेली है।


रजिस्ट्रेशन में गिरावट का आंकड़ा देश भर का है। FADA के प्रेसिडेंट आशीष हर्षराज ने कहा, "थ्री-व्हीलर को छोड़कर जनवरी में भी गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन में कमी आई है।" 1 अप्रैल से BSVI लागू होने वाला है, उसकी वजह से भी लोग गाड़ियों की खरीदारी टाल रहे हैं।


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