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आवाज अड्डा: 2019 में राम दिलाएंगे राज!

प्रकाशित Fri, 02, 2018 पर 11:37  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

राम नाम की लूट है लूट सको तो लूट। आजकल राम के नाम पर हो रही सियासत का यही हाल है। केंद्र सरकार के मंत्री हों बीजेपी के छोटे नेता, इस वक्त हर किसी ने राम मंदिर का राग छेड़ रखा है। और जैसे जैसे चुनाव करीब आ रहे हैं ये शोर और तेज होता जा रहा है। विपक्षी पार्टियां बीजेपी को फंसाने के लिए पूछती रहती हैं कि मंदिर कब बनाएंगे, तो अब राज्यसभा सांसद राकेश सिन्हा ने जवाबी ट्रंप कार्ड दाग दिया है। उन्होंने कहा है कि वो राम मंदिर निर्माण के लिए संसद में प्राइवेट मेंबर बिल लाएंगे और विपक्ष के बड़े नेताओं को चुनौती दी है कि क्या वो उनके इस बिल का समर्थन करेंगे। साफ है अब वो विपक्ष को मुश्किल में डालना चाहते हैं। सवाल ये है कि क्या विपक्षी पार्टियां राकेश सिन्हा के प्राइवेट बिल का समर्थन करेंगी? या लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी और विपक्ष के बीच घमासान के लिए माहौल तैयार हो रहा है।


अयोध्या में पत्थरों पर हो रही ये नक्काशी भव्य राम मंदिर बनाने के लिए हो रही है। वैसे तो यहां सालों से ये काम चल रहा है लेकिन हाल के दिनों में हलचल बढ़ गई है। हलचल राजनीतिक गलियारों में भी तेज हो गई है। सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर जमीन विवाद की सुनवाई जनवरी तक टाल दी है। इसके बाद बीजेपी ने विपक्ष से लोहा लेने के लिए राज्यसभा सांसद राकेश सिन्हा को आगे कर दिया है। सिन्हा ने कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी पार्टियों को खुला चैलेंज दे दिया है।


उन्होंने कहा है कि वो राम मंदिर पर संसद में प्राइवेट मेंबर बिल ला सकते हैं। उन्होंने ट्वीट करके राहुल गांधी, सीताराम येचुरी, लालू यादव और मायावती से सीधा सवाल किया। सिन्हा ने पूछा कि क्या ये लोग उनके प्राइवेट बिल का समर्थन करेंगे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भी सरकार से राम मंदिर के निर्माण में रुकावटें दूर करने के लिए लगातार दबाव बना रहा है।


वहीं केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने राम मंदिर विवाद के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहरा दिया है। उनका कहना है कि अगर जवाहरलाल नेहरू ने अयोध्या, काशी और मथुरा का निपटारा कर दिया होता तो आज समाज में विवाद नहीं होता। बीजेपी और आरएसएस ने चुनाव से पहले राम मंदिर का मुद्दा अच्छी तरह गरमा दिया है। लेकिन विपक्षी पार्टियों का मानना है कि राम मंदिर को मुद्दा बनाकर बीजेपी को चुनाव में वोट नहीं मिलेंगे।


दिवाली के मौके पर अयोध्या में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन होने वाला है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि वो इस बार राम मंदिर पर अच्छी खबर लेकर अयोध्या जाएंगे। इस खुशखबरी का सबको इंतजार है। सवाल ये है कि क्या राकेश सिन्हा के प्राइवेट बिल के जरिए बीजेपी मंदिर मुद्दे पर विपक्ष को एक्सपोज करना चाहती है। क्या मंदिर मुद्दे पर कोर्ट की आड़ लेकर विपक्ष 2019 तक का समय निकाल देना चाहता है और क्या चुनाव से 6 महीने पहले मंदिर मुद्दे को गरमा कर बीजेपी धार्मिक ध्रुवीकरण करने में कामयाब होगी।