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Covid-19 के मरीजों पर पतंजलि की दवाओं के "क्लीनिकल ट्रायल" की मंजूरी नहीं: प्रशासन

सोशल मीडिया पर लोगों ने जिला प्रशासन को निशाने पर लिया जिसके बाद प्रशासन की तरफ से सफाई आई है
अपडेटेड May 28, 2020 पर 09:17  |  स्रोत : Moneycontrol.com

बुधवार को पहले यह खबर आई कि सरकार ने Covid-19 के मरीजों पर पतंजलि के दवाओं के क्लीनिकल ट्रायल की मंजूरी दे दी है। इस खबर के बाद सोशल मीडिया पर काफी बवाल मचा जिसके बाद जिला प्रशासन ने इस बात से इनकार किया कि उसने पतजंलि की दवाओं के लिए ऐसी कोई इजाजत दी है।
 
स्थानीय मीडिया में छपी खबरों का जिक्र करते हुए सोशल मीडिया पर लोगों ने जिला प्रशासन को निशाने पर लिया। यूजर्स ने कहा कि किसी दवा के क्लीनिकल ट्रायल की अनुमति देना या ना देना ड्रग रेगुलेटर का काम है। इसमें प्रशासन की कोई भूमिका नहीं होती है।


इस विवाद के बारे में पूछे जाने पर इंदौर के DM मनीष सिंह ने कहा, "पहली बात तो ये है कि एलोपैथी दवाओं की तरह आयुर्वेदिक औषधियों के मरीजों पर क्लीनिकल ट्रायल (चिकित्सकीय परीक्षण) किये ही नहीं जाते। हमने पतंजलि समूह की ओर से भेजे गये प्रस्ताव पर इस तरह के किसी ट्रायल की फिलहाल कोई औपचारिक मंजूरी नहीं दी है।"


सिंह ने हालांकि पतंजलि के नाम का जिक्र किये बगैर बताया कि जिले के Isolation Center में रखे गये Covid-19 के संदिग्ध मरीजों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिये उन्हें एलोपैथी दवाओं के साथ ही अश्वगंधा और अन्य जड़ी-बूटियों से बनी आयुर्वेदिक दवाएं भी दी जा रही हैं। डॉक्टर इन मरीजों की सेहत पर बराबर निगाह रख रहे हैं। इंदौर, देश में कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में शामिल है और महामारी का प्रकोप कायम रहने के कारण यह रेड जोन में बना हुआ है। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक जिले में अब तक इस महामारी के 2,933 मरीज मिले हैं। इनमें से 111 मरीजों की मौत हो चुकी है।


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