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मार्च तक QIP से ₹2000-4000 करोड़ जुटाने की योजना: Bank Of Baroda

पिछले साल के मुकाबले NPA में सुधार रहा है। जिन NPA खातों की पहचान नहीं उसके लिए भी प्रोविजनिंग की गई है।
अपडेटेड Jan 28, 2021 पर 12:40  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

Bank Of Baroda के नतीजे शानदार रहे हैं। तीसरी तिमाही में strong domestic loan growth के चलते बैंक ने नतीजे अनुमान से अच्छे रहे। सालाना आधार पर बैंक घाटे से मुनाफे में आ गया है।  वित्त वर्ष 2021 की तीसरी तिमाही में  Bank of Baroda को 1,061.1 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ है जबकि वित्त वर्ष 2020  की तीसरी तिमाही में बैंक को 1,407 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। CNBC-TV18 के पोल के मुताबिक इसके 825 करोड़ रुपये रहने का अनुमान था।


तीसरी तिमाही में बैंक की ब्याज आय 8.6 फीसदी बढ़कर 7,749 करोड़ रुपये रही है जो कि पिछले साल की इस तिमाही  में 7,132 करोड़ रुपये रही थी। CNBC-TV18 के पोल के मुताबिक इसके 7,427 करोड़ रुपये रहने का अनुमान था।


तिमाही आधार तीसरी तिमाही में बैंक का Gross NPA 9.14 फीसदी से घटकर 8.48 फीसदी पर आ गया है। वहीं Net NPA 2.51 फीसदी से घटकर 2.39 फीसदी पर रहा है। रुपये में देखें तो बैंक का Gross NPA तीसरी तिमाही के 65,698 करोड़ रुपये से घटकर 63,182 करोड़ रुपये और Net NPA 16,795 करोड़ रुपये से घटकर 16,668 करोड़ रुपये पर आ गया है।


तिमाही आधार पर बैंक  की  Provisioning 3,002 करोड़ रुपये के मुकाबले 3,957 करोड़ रुपये पर रही है जबकि पिछले साल की तीसरी तिमाही में बैंक  ने 7,155  करोड़ रुपये की Provisioning की थी। सालाना आधार पर बैंक की घरेलू लोन ग्रोथ 8.31 फीसदी पर रही है जो कि तिमाही आधार पर 4.6 फीसदी पर रही थी।


Bank Of Baroda के नतीजों पर बात करते हुए बैंक के  MD & CEO, Sanjiv Chadha ने कहा कि पिछले साल के मुकाबले NPA में सुधार रहा है। जिन NPA खातों की पहचान नहीं उसके लिए भी प्रोविजनिंग की गई है। NPA खातों के लोन और ब्याज की भी प्रोविजनिंग की है। Q3 के NPA खातों का बैलेंसशीट पर आगे असर नहीं आएगा।


उन्होंने आग कहा कि हमारे  अनुमान से  चौथी तिमाही में स्लिपेजेज कम होने चाहिए। मोरेटोरियम, SC के आदेश से Q3 में NPA में बढ़ोतरी हुई है। पिछले साल के मुकाबले स्लिपेजेज कम हुए है। बैंक कुछ अंतरराष्ट्रीय लोन खातों की रीस्ट्रक्चरिंग करेंगे।


चौथी तिमाही के  गाइडेंस पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि Q3 में कोरोना के बावजूद बैंक की ग्रोथ अच्छी रही है। मार्जिन आगे भी बेहतर रहने की उम्मीद है। Q3 के मुकाबले Q4 में NPA काफी कम रहेंगे। कई लोन खातों की बैंक रीस्ट्रक्चरिंग करेगा। हालांकि इकोनॉमी में सुस्ती से रिटेल और MSME में दबाव रहेगा लेकिन कॉरपोरेट लोन में ग्रोथ आने की उम्मीद है। बैंक की Capital Adequacy 13.4% रही है। Internal Approval से ही फंड की जरूरत पूरी करेंगे। बैंक की मार्च तक QIP से 2000-4000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना है।


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